वर्ष 1968 में जिन्दा थे नेताजी सुभाष चन्द्र बोसः गोपनीय फाइलों में बड़ा खुलासा

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Updated on 8 Jul, 2016 at 11:59 am

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प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सार्वजनिक की गई गोपनीय फाइलों से पता चलता है कि कम से कम वर्ष 1968 तक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जीवित थे और वह रूस में रह रहे थे।

टाइम्स ऑफ इन्डिया की इस रिपोर्ट में सरकार द्वारा जारी इन गोपनीय फाइलों के हवाले से बताया गया है कि क्रान्तिकारी वीरेन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय के पुत्र निखिल चट्टोपाध्याय ने रूसी शहर ओम्स्क में नेताजी बोस से मुलाकात की थी।


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सार्वजनिक की गई एक फाइल में पत्रकार व लेखक नरेन्द्र नाथ सिंदकर का एक हलफनामा शामिल है, जिसमें उन्होंने निखिल चट्टोपाध्याय के साइबेरियाई शहर में बोस से मिलने का दावा किया है। मुलाकात बोस की कथित प्लेन दुर्घटना में मौत के 23 साल बाद हुई थी।

नरेन्द्र नाथ सिंदकर वर्ष 1966 से 1991 तक मास्को में रहे थे।

यह हलफनामा वर्ष 2000 में नेताजी की रहस्यमय गुमशूदगी की जांच कर रहे मुखर्जी आयोग के पास जमा की गई थी। हलफनामे में कहा गया है कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इस डर से छुपे हुए थे कि उन्हें भारत में युद्ध अपराधी के रूप में दंडित किया जाएगा।

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