44 साल बाद फीफा विश्वकप में टेलस्टर बॉल की वापसी, पाकिस्तान में बनी है ख़ास गेंद

Updated on 5 Jun, 2018 at 9:27 am

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फुटबॉल महाकुम्भ यानी फीफा विश्वकप के शुरू होने में अब महज 10 दिन ही शेष बचे हैं। रूस में 14 जून से 21वें फुटबॉल विश्वकप की शुरुआत होगी, जिसमें 32 देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पहले मैच में इस्तेमाल की जानेवाली गेंद को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसमें समय के साथ बहुत सारे बदलाव किए गए हैं।

 

फीफा विश्वकप में टेलस्टर बॉल की वापसी

 

 

फीफा विश्वकप में 44 साल बाद टेलस्टर बॉल की वापसी हुई है। इससे पहले 1970 और 1974 विश्वकप में इसका प्रयोग हुआ था। इससे पहले 2010 में दक्षिण अफ्रीका में जाबुलानी तो 2014 में ब्राजील में ब्राज़ूका गेंद बेहद चर्चा में रहे थे। इस बार एडिडास द्वारा तैयार डिजाइन को पाकिस्तान के सियालकोट में बनाया गया है।

क्या ख़ास है टेलस्टर बॉल में

 


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बताया जा रहा है कि इस बार टेलस्टर बॉल में 32 की जगह 6 पैनल होंगे। इन पैनलों के जरिए गेंद को स्मार्ट फोन से कनेक्ट कर खेल से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त किए जा सकेंगे। दिलचस्प बात ये है कि यह गेंद आम लोगों और खिलाड़ियों के खरीदने के लिए भी उपलब्ध कराया जा रहा है। गेंद को एनएफसी माइक्रोचिप के साथ 3डी डिजाइन में बनाया गया है। ये गेंद सिर्फ काले और सफेद रंग में होगा।

 

टेलस्टर-18 को स्विटरजरलैंड के वैज्ञानिकों ने कई प्रयोगों के बाद हरी झंडी दी। इसको जांचने के लिए प्रयोगशाला में 2,000 से ज्यादा बार बॉल को स्टील की दीवार पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से मारा गया। ये गेंद बेहद मजबूत है और काले-सफ़ेद रंग के होने के कारण टीवी पर साफ़-साफ़ देखा जा सकता है।

 

 

इस गेंद को 12 देशों के 600 से ज्यादा खिलाड़ियों ने टेस्ट किया है, जिनमें जिनेडिन जिडान, रोनाल्डो, लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो शामिल हैं। बॉल को टेस्ट करने के लिए 2017 फीफा क्लब विश्वकप में अल-जजीरा और रियाल मैड्रिड के बीच हुए सेमीफाइनल मैच में प्रयोग किया गया था।

अंडर -20 फीफा विश्वकप समेत कई जूनियर टूर्नामेंट में इसका इस्तेमाल कर अंतिम मुहर लगाई गई।

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