ये है 10वीं फेल ठाणे की पहली महिला ऑटो ड्राइवर जो देती हैं मुफ़्त अखबार, वाई-फाई और चाय-कॉफी

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8:52 pm 7 Jul, 2016

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अगर आपसे ऑटो रिक्शा से सफ़र करने का अनुभव पूछा जाए तो यह मिश्रित रूप से अच्छी-बुरी यादों का ताना-बाना हो सकता है।और इस बात से भी नहीं मुकर सकते कि अगर मजबूरी या दिनचर्या में ऑटो रिक्शा शामिल नहीं हो, तो आप इससे सफ़र नही करेंगे। पर अगर मैं कहूं किआप किसी ऐसे ऑटो रिक्शा से सफ़र करें जो अनेक सुविधा जैसे अखबार, वाई-फाई, चाय-कॉफी, पानी की बोतल व फर्स्ट एड से संपन्न हो और यह सुविधा मुफ़्त में मिले तो शायद इससे आरामदायक सफ़र आपका हो ही नहीं सकता।

तो चलिए इनसे मिलिए। यह हैं मुंबई के ठाणे की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनामिका भलेराव। इनके पास खुद का ऑटो रिक्शा है, जिसमें सफ़र करने वाले यात्रियों को तमाम सुविधाएं मुफ़्त में प्रदान करती हैं।

 


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अनामिका ने यह ऑटो रिक्शा हाल में ही खरीदा है। इसे एक साधारण ऑटो रिक्शा समझने की ग़लती मत करिए। सफ़र को आरामदायक बनाने के लिए इसमें यात्रियों के लिए अखबार, वाई-फाई, चाय-कॉफी, पानी की बोतल व फर्स्ट एड की सर्विस फ्री में दी गई है।

अनामिका कहती हैं की यह उनका सपना पूरा होने जैसा है। आपको बता दें कि अनामिका के पति भी ऑटो ड्राइवर हैं और अनामिका भी चाहती थीं की वह एक ऑटो ड्राइवर बने, जिसमें उनके पति ने मदद की।

अपने इस सपने को प्रोफेशनल रूप देने के लिए अनामिका ने पहले अपने कुछ रिश्तेदारों से भी बात की थी। उन्होंने भी अनामिका को काफ़ी प्रोत्साहित किया। अनामिका बताती हैं कि उनके रिश्तेदार यह कह कर उनका मनोबल बढ़ाते थे कि लड़कियां आज प्लेन तक उड़ा रही हैं तो ऑटो चलाने में क्या दिक्कत है।

अनामिका को गर्व महसूस होता है कि आज वह अपने खुद के पैरों पर खड़ी हैं। यही नहीं, ऑटो चला कर उससे प्राप्त आमदनी से घर के खर्चे निकालने में भी मदद हुई है।

आपको बता दें कि पहले यह नियम था कि ऑटो परमिट के लिए दसवीं पास होना जरूरी था, लेकिन बाद में इस नियम में बदलाव करके आठवीं पास कर दिया गया है।

अनामिका दसवीं फेल हैं, लेकिन नए नियम के कारण वह इस कार्य के लिए योग्य थीं। उन्हें हाल ही में ऑटो परमिट मिला है, जो उनके सपने पूरे होने जैसा है।

अनामिका कहती हैं कि यह फैसला उनके जैसी कई महिलाओं का भविष्य बना सकता है।

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