25 साल पहले गुंडों ने ली थी पापा की जान, आज बेटी ने जज बनकर उनके सपने को किया पूरा

author image
Updated on 15 Oct, 2017 at 9:27 pm

Advertisement

25 साल पहले अपने पिता को खो चुकी अंजुम सैफी ने अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया है। आज अंजुम जज बन गई हैं। अंजुम के पिता की कुछ बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पुरानी घास मंडी निवासी स्वर्गीय रसीद अहमद की बेटी अंजुम सैफी ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा हासिल की। सिविल जज के मुख्य परीक्षा परिणाम में अंजुम ने 159वीं रैंक अर्जित की है। अंजुम अपने परिवार में छह भाइयों की इकलौती बहन है। बचपन में ही पिता की मृत्यु होने के बाद भाइयों और मां हमीदा बेगम ने अंजुम की परवरिश और उसकी पढ़ाई-लिखाई में कोई कमी नहीं बरती। उसे अच्छी शिक्षा-दीक्षा प्रदान की। आपको बता दें कि अंजुम का एक भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे है।

ग्रेन चेंबर से बारवीं करने के बाद अंजुम सैफी ने डीएवी डिग्री कॉलेज से एलएलबी पूरी की और मेरठ कॉलेज से एलएलएम किया। पढऩे-लिखने में बचपन से ही होनहार अंजुम ने मुश्किल हालातों का सामना कर आज इस मुकाम पर पहुंची। उसके घर में बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। लेकिन उसकी आंखों में आंसूं थे कि आज काश उसके पिता भी उसके साथ होते।


Advertisement

अंजुम की मां हामिदा बेगम कहती हैं:



“जब रिजल्ट आया तो सभी पड़ोसी और रिश्तेदार जश्न में डूबे थे, लेकिन अंजुम बार-बार सभी से बस यही कह रही थी कि काश आज पापा यहां होते। काश मैं उनके साथ अपनी ये खुशियां बांट पाती।”

अंजुम के पिता रशीद अहमद हमेशा ही गलत करने वालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद किया करते थे। 25 साल पहले जिस इलाके में उनकी हार्डवेयर की दूकान थी, वहां उन्होंने लुटेरों के खिलाफ मोर्चे की शुरुआत की। उन्होंने इलाके में पुलिस की चौकसी को बढ़ाने की मांग करते हुए आंदोलन की अगुवाई भी की। एक दिन दुकानदार से पैसे चीन रहे गुंडों को रोकने गए रशीद अहमद आगे आये और उन बदमाशों ने सरे बाजार में उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। अंजुम उस समय महज चार साल की थी।

अब अंजुम कानून के अंतर्गत सत्य के रास्ते पर चलकर बेगुनाह को इन्साफ और दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के अपने मकसद पर अग्रणी होगी। साथ ही अंजुम सैफी ने बताया कि सिविल जज बनकर वह गरीबों और निर्धन लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने का प्रयास करेंगी।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement