रमजान के दौरान रोजा रखे जवान ने बचाई कई जिंदगियां

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Updated on 7 Jun, 2017 at 6:27 pm

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जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में 5 जून को सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना तड़के सुबह करीबन चार बजे की है, जब पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) CRPF कैंप में घात लगाकर घुसने के प्रयास में थे।

हालांकि, लेकिन CRPF के जवान कमांडेंट इकबाल अहमद ने आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया। कहा जा रहा है कि अगर कमांडेंट इकबाल अहमद चौकस नहीं होते, तो पठानकोट के उरी हमले जैसी वारदात यहां हो सकती थी।

आजकल रमजान का महीना चल रहा है। ऐसे में इकबाल अहमद ने भी रोजे रखे हुए हैं। उस दिन भी वह रोज की तरह तड़के सुबह सहरी करने के लिए जगे थे। वो सवेरे खाना खाने की तैयारी कर ही रहे थे कि इसी दौरान उनके वायरलेस पर आतंकियों के घुस आने की सूचना उन्हें मिली।

उन्हें बताया गया कि बांदीपोरा में CRPF के कैंप पर आत्मआघाती हमला हुआ है। उसके बाद वह अपना खाना वहीं छोड़, हाथ में बन्दूक लिए, कैंप की ओर भाग निकले।


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जिस वक्त CRPF कैंप पर हमला किया गया, उस दौरान इकबाल अहमद घटनास्थल से करीब 300 मीटर की दूरी पर थे।

कैंप पहुंचते ही इकबाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर चारों आतंकियों को चित कर दिया। अगर इकबाल अहमद सही समय पर कैंप पर नहीं पहुंचते, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।

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आतंकियों के पास मिले हथियार intoday

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद सहरी छोड़ आतंकियों से देश की हिफाजत करने के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले कमांडेंट इकाबल अहमद की प्रशंसा की। साथ ही अन्य जवानों की मुस्तैदी की भी तारीफ की।

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