मैग्लेव है दुनिया की सबसे तेज ट्रेन, रफ्तार में सबसे आगे

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Updated on 20 Dec, 2016 at 11:08 am

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मैग्लेव ट्रेन को दुनिया की सबसे तेज ट्रेन कहा जाता है। मैग्लेव दो शब्दों मैग्नेटिक लेवीटेशन से मिलकर बना है। इसका मतलब होता है चुंबकीय शक्ति से ट्रेन को हवा में ऊपर उठाकर चलाना। यह ट्रेन जब करीब 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ लेता है, तब ट्रेन चुंबकीय शक्ति से पटरी से हवा में करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर तक उठ जाती है और दौड़ती है।

माना जा रहा है कि जापान सेन्ट्रल रेलवे वर्ष 2017 में इस ट्रेन को सर्विस में लाएगा। इसकी सेवा टोकियो और नागोया शहरों के बीच शुरू की जाएगी। मैग्लेव ट्रेन की सवारी किसी प्लेन से कम नहीं है। इस ट्रेन में न केवल रफ्तार, बल्कि लोगों की सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जाता है।

वहीं, फ्रान्स में चलने वाली टीजीवी ट्रेन को दुनिया की सबसे तेज ट्रेन्स में एक माना जाता है। वर्ष 2007 में इस ट्रेन ने 574 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी थी और एक रिकॉर्ड स्थापित किया था। सामान्य तौर पर 320 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलती हैं।


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अब बात चीन में बीजिंग से शंघाई तक चलने वाली ट्रेन हार्मनी सीआरएच 380ए की। यह ट्रेन सामान्य तौर पर 380 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलाई जाती है। लेकिन वर्ष 2010 में इस ट्रेन ने ट्रायल के दौरान 486 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली थी।

जहां तक जर्मनी की बात है, तो यहां हनोवर से वुर्त्सबुर्ग के बीच चलाई जाने वाली आईसीई ट्रेन की गति प्रतिघंटा 250 किलोमीटर है। इस ट्रेन ने ट्रायल के दौरान 406 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ी थी।

फिलहाल में चीन के शंघाई शहर में चल रही ट्रांसरैपिड दुनिया की सबसे तेज ट्रेन है। इस ट्रेन को शंघाई शहर से एयरपोर्ट तक की 30 किलोमीटर की दूरी तय करने में आठ मिनट का समय लगता है। इस ट्रेन की गति करीब 430 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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