निपाह वायरस के बारे में 10 ज़रूरी बातें जो आपको ज़रूर पता होनी चाहिए

Updated on 23 May, 2018 at 4:56 pm

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पिछले कुछ दिनों से केरल में खतरनाक निपाह वायरस ने करीब 10 लोगों की जान ले ली, जिसमें एक नर्स भी शामिल है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में निगारानी के लिए विशेष कार्य बल का गठन किया है, साथ ही इस संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। निपाह वायरस के बारे में ज़्यादा जानकारी चाहते हैं और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

 

1. क्या है निपाह वायरस?

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, निपाह एक नए किस्म का संक्रामक वायरस है, जो पशुओं से इंसानों में फैलता है और ये दोनों के लिए घातक है। ये दुलर्भ वायरस बहुत खतरनाक है।


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निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

2. क्या होता है असर?

 

निपाह वायरस पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क पर असर डालता है और पीड़ित व्यक्ति को बुखार के साथ ही कमज़ोरी भी महसूस होती है, मरीज़ को बहुत सुस्ती महसूस होती है।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

3. कैसे फैलता है?

 

ये एक पशुजन्य बीमारी है, यानी जानवरों से इंसानों में फैलती है। यदि को व्यक्ति निपाह वायरस से पीड़ित सुअर और चमगादड़ के संपर्क में आता है, तो वायरस उसमें भी फैल जाता है। इसके अलावा संक्रमित चमगादड़ द्वारा खाए गए फल को खाने से भी व्यक्ति में निपाह वायरस प्रवेश कर जाता है। साथ ही ये एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में भी फैलता है।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

4. ये हैं लक्षण

 

निपाह वायरस के संक्रमित जानवर या व्यक्ति के संपर्क में आने के 3-14 दिनों तक मरीज को बुखार के साथ सिरदर्द भी रहता है। ऐसे भी कई मामले हैं, जब वायरस के शुरुआती लक्षण दिखने के तुंरत व्यक्ति कोमा में चला गया।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

5. ये फैलाते हैं वायरस

 

निपाह वायरस चमगादड़, जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है, फैलाते हैं। ये दक्षिण एशिया में आमतौर पर पाए जाते हैं। वायरस चमगादड़ के लार, मूत्र और उत्सर्जन से निकलता है।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)



 

6. निपाह नाम क्यों पड़ा?

 

इस वायरस के बारे में सबसे पहले 1998 में मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह से पता चला था, इसलिए इस वायरस का नाम निपाह पड़ा।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

7. इलाज

 

इस वायरस के लिए कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है और न ही इंसानों व जानवरों को इससे बचाने के लिए कोई टीका है।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

8. रूप बदलता है

 

निपाह वायरस और एच1एन1 वायरस में काफी समानता है। यह वायरस बाद में रूप बदलता रहता है जिसकी वजह से और घातक हो जाता है।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

9. सावधानी

 

कच्चे खजूर के रस को पीने की गलती न करें, क्योंकि हो सकता है संक्रमित चमगादड़ ने इसे खाया हो। साथ ही संक्रमित सुअर, चमगादड़ और इंसानों से दूर रहें। यदि आप असहज महसूस कर रहे हों तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)

 

10. मृत्यु दर

 

वायरस से प्रभावित लोगों में मृत्यु दर 70 से 100 प्रतिशत है। 2001 में इसका पहला मामला पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में सामने आया, जिसमें 66 लोगों में से 44 की मृत्यु हो गई। 2007 में पश्चिम बंगाल के नदिया में फिर ये वायरस सामने आया जिसने 5 लोगों की जान ले ली।

 

निपाह वायरस (Nipah Virus)


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