एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास की जरूरत नहीं, ‘शक्ल’ से ही मिल जाएगी एंट्री!

12:13 pm 7 Oct, 2018

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तकनीक का सही इस्तेमाल करते हुए यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने पर लगातार विचार किया जा रहा है। लिहाजा सरकार आने वाले साल से देश के कई एयरपोर्ट पर फेशियल रिकग्निशन की व्यवस्था करने जा रही है। इससे यात्रियों को बोर्ड‍िंग पास और अन्य कोई पहचानपत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। विमान यात्रा की प्रक्रिया को सहज करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं।

 

 


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इस सुविधा के बहाल होने से एयरपोर्ट पर एंट्री, चेक-इन सहित विमान में सवार होने के दौरान चेकिंग फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से हो सकेगी। प्रक्रिया को तीव्र और ऑटोमेटिक करने की दिशा में ये कारगर कदम साबित हो सकता है। उल्लेखनीय है कि ‘डिजी यात्रा’ नाम के इस कार्यक्रम से सामान भी ऑटोमैटिक पहुंच जाएगी। केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री सुरेश प्रभु ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा-

 

“डिजी यात्रा एक बेहतरीन व्यवस्था है जो तकनीक पर आधारित है। यात्रा के भविष्य को देखते हुए इसे लाया गया है। अब बोर्डिंग पास पर कई जगह मुहर लगाने सहित बार-बार सुरक्षा जांच जैसी जरूरत समाप्त हो जाएगी।”

 

 



फेशि‍यल रिकग्निशन बायोमेट्रिक सॉफ्टवेयर पर आधारित पहचान का सिस्टम है, जिससे चेहरे की विशेषता का गणितीय मैपिंग संभव होता है. यह फेसप्रिंट को सहेज कर रख सकता है। आवश्यक होने पर यह लाइव चेहरे या किसी डिजिटल इमेज से फेस प्रिंट भी कर सकता है। नागर विमानन मंत्रालय के राज्य मंत्री जयंत सिन्हा कहते हैं-

 

“”हम डिजी यात्रा के माध्यम से भविष्य में छलांग लगाने जा रहे हैं। यह एक स्व‍ैच्छिक व्यवस्था है जिसे पाने के लिए एक ऑनलाइन सेंट्रल सिस्टम के द्वारा स्वयं को रजिस्टर करना होगा।””

 

गौरतलब है कि ये व्यवस्था वाकई में यात्रियों के लिए अलग ही अनुभव लेकर आएगा। अब महज अपनी पहचान और सुरक्षा जांच के लिए यात्रियों को लम्बी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। सिस्टम खुद ही पीएनआर आदि के द्वारा चेहरे की मिलान कर लेगा। जानकारी हो कि फरवरी, 2019 से ये हैदराबाद और बेंगलुरू एयरपोर्ट पर ये सेवा शुरू किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल से कोलकाता, पुणे, विजयवाड़ा और वाराणसी एयरपोर्ट पर भी इस सेवा को लागू किया जाएगा। इस सुविधा के लिए यात्रियों से किसी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाएगा।

 

 

बताते चले कि जापान सहित कोरिया और फिनलैंड में भी इस व्यवस्था को लागू किया गया है। एयरपोर्ट पर फेशि‍यल रिकग्निशन की व्यवस्था से यात्रा का अनुभव अगले स्तर पर पहुंच जाएगा। केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने यह विश्वास दिलाया है कि सारे परीक्षण पूर्ण कर लेने के बाद इसे जारी किया जाएगा और किसी भी तरह से लोगों की प्राइवेसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।


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