आप पिछले जन्म में क्या थे ? ऐसे ही सवालों से चुराया जा रहा है आपका फेसबुक डेटा

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Updated on 22 Mar, 2018 at 5:43 pm

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फेसबुक पर दुनिया के लगभग 220 करोड़ लोगों के अकाउंट हैं। यानी कि पूरी दुनिया की 7.6 बिलियन आबादी में से 25 प्रतिशत लोग फेसबुक पर ही हैं। भारत में भी यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म काफी पॉपुलर है। अगर आप भी उनमें से है जो फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए है।

 

फेसबुक के तकरीबन 5 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी चुराई गई है। डेटा चोरी का इसे अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।

 

cnbc


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अब सवाल उठता है कि आखिर ये डेटा लीक हुआ कैसे

 

फेसबुक पर आपने तमाम ऐसे क्विज देखे होंगे, जिनमें अटपटे सवाल पूछे जाते हैं। आप अपने पिछले जन्म में क्या थे? आपका सच्चा दोस्त कौन है? अगले जन्म में आप कहां पैदा होंगे? आपको अपना सच्चा प्यार कहां मिलेगा ? आपकी शादी कब होगी?

 

अगर आपने कभी फेसबुक पर शेयर होने वाले ऐसे सवालों के जवाब जानने के लिए ऐसे क्विज खेले हैं तो जरा सतर्क हो जाइए। हो सकता है जिन करोड़ों लोगों का निजी डेटा चुराया गया है, उनमें आपका भी नाम शामिल हो। बता दें कि इन ट्रिक्स के जरिए ही आपका पर्सनल डेटा एक्सेस किया जा रहा है।

 

 

चुराए गए डेटा में दुनियाभर के कई देशों के यूजर्स हैं। उन यूज़र्स के अकाउंट पर सेंध मारी गई, जिनकी प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत नहीं थी।

 

फेसबुक के 5 करोड़ से ज्यादा यूजर की निजी जानकारी में सेंध लगने के बाद इस सोशल मीडिया साइट की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

 

 

जानिए कैसे आपका निजी डेटा चुराया गया और कहां उसका इस्तेमाल किया गया

 

फेसबुक को आलोचना का सामना इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि एक ब्रिटिश कन्सल्टिंग कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) पर आरोप लगा है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक यूजरों का निजी डेटा चुराकर राजनेताओं को फायदा पहुंचाने का काम किया। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का चुनावी कैंपेन भी शामिल है। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने वोटर्स की राय को मैनिप्युलेट करने के लिए फेसबुक यूजर्स के डेटा में सेंध लगाई।

 

यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के प्रोफेसर कोगन ने फेसबुक आधारित एक पर्सनैलिटी प्रेडिक्टर ऐप तैयार किया। ‘दिस इज योर डिजिटल लाइफ’ नाम के इस ऐप को करीबन 270,000 लोगों ने डाउनलोड किया। इस ऐप के जरिए लोगों की जानकारियां चुराई गई। साथ ही इन यूज़र्स के फ्रेंड लिस्ट की भी जानकारी चुरा ली गई।

 

आपको बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी डाटा माइनिंग और एनालिसिस का काम करती है। यह कंपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में राजनीतिक पार्टियों की मदद करती है। कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी क्रिस्टोफर ने नैतिकता को आधार बनाते हुए ये जानकारी सार्वजनिक की थी कि उनकी फर्म ने चुनावों को प्रभावित करने और ट्रंप को फायदा पहुंचाने के लिए फेसबुक के उपभोक्ताओं के डाटा का इस्तेमाल किया था।

 

 

इस हड़कंप मचा देने वाले खुलासे के बाद फेसबुक ने डेटा एनालिटिक्स फर्म कैंब्रिज एनालिटिका और यूके बेस्ड प्रोफेसर अलेक्जेंडर कोगन को निलंबित कर दिया है। फेसबुक ने कहा कि इस तरह जब कोगन ने इन जानकारियों को कैंब्रिज एनालिटिका तक पहुंचाया तो उन्होंने प्लेटफॉर्म की नीतियों का उल्लंघन किया है।



 

 

जानिए कैसे रखें अपने डेटा को सुरक्षित

 

अपनी फेसबुक सुरक्षा सेटिंग्स को देखें और प्राइवेसी का ध्यान रखें। साथ ही सिर्फ जानी-मानी वेबसाइट्स या ऐप की ही क्विज में हिस्सा लें।

 

इसके अलावा अपनी फेसबुक की सेटिंग में जाए। सेटिंग ऑप्शन क्लिक करें। इसके बाद आपको लेफ्ट साइड में निचे की ओर ऐप लिखा हुआ ऑप्शन मिलेगा। इसे क्लिक कर दें।

फिर आपकी स्क्रीन में चार ऑप्शन आएंगे। उनमें से Apps, Websites and Plug-ins (ऐप्स वेबसाइट एंड प्लगइन्स) के साथ आ रहे Edit (एडिट) पर क्लिक कर दें।

 

 

 

इसपर क्लिक करने के बाद एक पॉप अप विंडो खुलेगी। इसमें Disable Platform (डिसएबल प्लेटफॉर्म) पर क्लिक करें। ऐसा करने से आप फेसबुक पर थर्ड पार्टी की साइटों का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

 

 

 

वहीं कौन सी जानकारी फेसबुक पर किसे दिखानी है, ये ऑप्शन भी आप चुन सकते हैं।

 

 

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद फेसबुक के सीईओ और फाउंडर मार्क जकरबर्ग ने अपनी गलती स्वीकार भी की है। साथ ही फेसबुक यूज़र्स के डेटा की सिक्योरिटी के लिए कई कदम उठाए जाने की बात की है। जकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले में अपनी गलती स्वीकार करते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा-

 

“तमाम यूजर्ज के डेटा की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हमें आपके लिए काम करने का हक नहीं है। मैं यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आखिर यह हुआ कैसे हुआ। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने की भी कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसा न हो सके।”

 

 

उन्होंने आगे ये भी लिखा कि फेसबुक अपने यूजर्स को एक नया टूल देगा, जिससे उन्हें ये पता चल सकेगा कि उनके डाटा का इस्तेमाल कैसे और कहां किया जा रहा है। जकरबर्ग ने कहा कि कंपनी फेसबुक डेटा को प्रतिबंधित करेगी और थर्ड पार्टी डेवलपर्स सिर्फ नाम, प्रोफाइल फोटो और इमेल एड्रेस एक्सेस कर सकेंगे।


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