भारत में हर चौथा भिखारी मुस्लिम समुदाय से, करीब 72 करोड़ लोगों के पास नहीं है ढंग का काम

author image
Updated on 29 Jul, 2016 at 6:27 pm

Advertisement

भारत में हर चौथा भिखारी मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखता है।

इन्डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में 2011 जनगणना आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि देश की कुल आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 14.23 फीसदी है, जबकि देश में मौजूद हर चौथा भिखारी मुसलमान है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 72 करोड़ लोगों के पास ढंग का काम नहीं है। वहीं, 3.7 लाख ऐसे लोग हैं, जिनके पास कोई काम नहीं है और वे मांगकर अपना गुजारा करते हैं। ऐसे लोगों को ‘भिखारी’ की श्रेणी में रखा गया है और इसमें मौजूद लोगों में 25 फीसदी के करीब मुसलमान मौजूद हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘भिखारी वर्ग’ में ज्यादातर लोग समाज के उन विशेष हिस्सों से आते हैं जिन्हें सामान्य रूप से प्रतिनिधित्व नहीं मिला है या सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।


Advertisement

गौरतलब है कि जनगणना 2001 के आंकड़ों के मुकाबले देश में भिखारियों की संख्या 41 फीसदी तक घटी है। जनगणना 2001 के मुताबिक उस वक़्त देश में भिखारियों की संख्या 6.3 लाख थी।

देश में हिन्दुओं की जनसंख्या 79.8 फीसदी हिन्दू है, जबकि इसके मुकाबले में सिर्फ 2.68 लाख लोग ही भिखारी वर्ग में आते हैं। देश में ईसाई समुदाय के लोगों की जनसंख्या 2.3 फीसदी है, जबकि भिखारियों में इनकी हिस्सेदारी महज 0.88 फीसदी है।

बौद्ध-0.52 फीसदी, सिख-0.45 फीसदी, जैन-0.06 फीसदी और बाकी की हिस्सेदारी 0.30 फीसदी है। कुल भिखारियों में 53.13 फीसदी पुरुष, जबकि 46.87 फीसदी महिला भिखारी शामिल हैं।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement