अब क्या कर्ज़ तले दबे रिलायंस के मालिक अनिल अंबानी भी देश छोड़ने की फ़िराक में है?

6:19 pm 3 Oct, 2018

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स्वीडन की टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन और अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम के बीच चल रही कानूनी लड़ाई बढ़ती ही जा रही है। हाल ही में एरिक्सन ने रिलायंस कम्यूनिकेशन के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ़ एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। स्वीडिश कंपनी ने रिलायंस एडीएजी से अपना बकाया न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। एरिक्सन की ओर से यह याचिका निर्धारित समय सीमा तक 550 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान नहीं करने के कारण दाखिल की गई है।

 

 


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अपनी याचिका में कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात की भी अपील की है कि वो अनिल अंबानी और उनके दो वरिष्ठ अधिकारियों को बिना इजाज़त देश छोड़कर न जाने दें।

 

 

साल 2014 में एरिक्सन ने आरकॉम के अखिल भारतीय टेलीकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करने के लिए सात साल की डील की थी। इस दौरान एरिक्सन ने आरकॉम पर जो भी खर्च वहन किया था, उसकी भरपाई अब वह करना चाहती है।



गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन को सितंबर अंत तक एरिक्सन की बकाया राशि में से 550 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। लेकिन आरकॉम के डेडलाइन गुज़र जाने के बाद भी यह भुगतान न करने पर एरिक्सन ने कोर्ट की अवमानना को मुद्दा बनाकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

 

 

बताया जा रहा है कि आरकॉम ने एरिक्सन से डेडलाइन को 60 दिन और बढ़ाने की अपील की थी, जिसे एरिक्सन ने सिरे से नकार दिया था।

 

अनिल अंबानी की दूरसंचार कंपनी आरकॉम ने एरिक्सन का 550 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने के लिये 60 दिन की मोहलत मांगी है। कंपनी की ओर से यह समय स्पेक्ट्रम बिक्री पूरी नहीं होने के कारण मांगा गया है। जाहिर है कि आरकॉम के ऊपर एरिक्सन का 1000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा का बकाया है, ऐसे में वो रिलायंस कम्यूनिकेशन से अपना बयाका वसूलने की पूरी कोशिश कर रही है।


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