गजब! दुल्हन पाने के लिए 250 लड़कों ने दिया एंट्रेंस एग्ज़ाम, 219 हो गए फ़ेल

6:35 pm 11 Oct, 2018

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नौकरी के लिए एग्ज़ाम और इंटरव्यू के बारे में तो आपने सुना होगा, दर्जनों बार एग्ज़ाम और इंटरव्यू दे भी चुके होंगे, लेकिन क्या कभी सुना है कि दुल्हा बनने के लिए भी परीक्षा देनी पड़ती है? आप सोच रहे होंगे कि हम मज़ाक कर रहे हैं, लेकिन नहीं जनाब हम मज़ाक नहीं कर रहे, ये बिलकुल सच है। ऐसी अनोखी परीक्षा हुई है लखनऊ में।

हमारे देश में शादी के लिए भले ही आज तक कोई लिखित परीक्षा न होती हो, लेकिन इंटरव्यू तो हमेशा से लड़कियों का होता ही आया है।  लड़की लड़के वालों के सामने सज-धजकर चाय की ट्रे लिए एंट्री करती है और फिर लड़के की मां-बहन शुरू हो जाती है। खाना बनाना आता, कितनी पढ़ी हो, शादी के बाद नौकरी तो नहीं करोगी न, घर का सारा काम आता है या नहीं… जैसी फालतू के न जाने कितने सवाल पूछ डालती हैं, मगर अब धीरे-धीरे ही सही ज़माना बदल रहा है। लड़कियों का ये शादी वाला इंटरव्यू तो पुराना हो चुका है। अब मां के लाडलों की बारी है दुल्हा बनने के लिए परीक्षा देनी की।

 

दुल्हे की परीक्षा (exam for groom)

jagran


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आपको जानकर हैरानी होगी कि लखनऊ में लड़कियों की देखभाल करने वाले एक संगठन ने अपने यहां की लड़कियों की शादी के लिए योग्य वर की तलाश के लिए भावी दुल्हों से आवेदन मंगाए थे, जिसमे 250 लड़को के आवदेन आए। इन सभी लड़कों को जिला प्रशासन की ओर से आयोजित एक परीक्षा देनी पड़ी और नतीजा बिलकुल धांसू निकला।

 

250 में से 219 लड़के दुल्हा बनने के काबिल नहीं पाए गए। यानी ये सब परीक्षा में फ़ेल हो गए। सिर्फ़ 31 लड़कों को ही शादी के लिए काबिल चुना गया।

 



 

संगठन अपने यहां कि 31 लड़कियों की सामूहिक शादी 15 अक्टूबर को इन चुने हुए दुल्हों के साथ करेगा। वैसे परीक्षा में 219 लड़को का फ़ेलहोना साबित करता है कि हमारे समाज में अधिकतर लड़के पति बनने की काबिलियत रखते ही नहीं है, लेकिन आज तक किसी ने उनका टेस्ट लिया ही नहीं तो असलियत कैसे सामने आए भला।

 

 

दुल्हों के लिए ये अनोखी परीक्षा रखने वाले लखनऊ के इस संगठन में 18 साल से ज़्यादा उम्र की शादी योग्य लड़कियां रहती हैं और संगठन उनके लिए योग्य वर की तलाश करता है। सभी लड़कियों के खाते में 20 हजार रुपए की रकम प्रशासन की ओर से भेजी जाएगी और 10 हजार रुपए का घर का सामान दिया जाएगा। अनाथ लड़कियों की शादी करके संगठन न सिर्फ पुण्य का काम कर रहा है, बल्कि दुल्हे की परीक्षा लेकर उसने समाज के सामने मिसाल भी पेश की है। हमेशा दुल्हन की योग्यता परखने वाले समाज को अब दुल्हों की योग्यता भी जांचनी चाहिए।


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