बिजली विभाग ने पुराने और खराब हो चुके सामान को दोबारा रिसाइक्लिंग कर बनाया ‘एनर्जी कैफे’

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Updated on 6 Feb, 2017 at 3:28 pm

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पटना का यह ‘एनर्जी कैफे’ अपने बेहद अलग अंदाज़ के फर्नीचर और सजावट के लिए चर्चा में हैं। यहां का सारा फर्नीचर और सजावट का सामान, बिजली विभाग के पुराने और ख़राब हो चुके सामान को दोबारा इस्तेमाल कर बनाया गया है।

पटना के बिजली विभाग के कार्यालय में ‘विद्युत भवन’ अपने आप में राज्य का अनोखा कॉफी शॉप है। आप यहां कॉफी के साथ स्वादिष्ट पकवान का लुत्फ़ तो उठाएंगे ही, साथ ही कबाड़ से बना खूबसूरत इंटीरियर आपको आकर्षित करेगा।

पटना के बेली रोड स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में ”एनर्जी कैफे’ की शुरुआत की गई है। यह कैफे इसलिए खास है क्योंकि इस कैफे को एक नए इंटीरियर कांसेप्ट के साथ शुरू किया गया है।

एनर्जी कैफे के इंटीरियर को आकर्षक बनाने के लिए बेहद अनूठा प्रयोग किया गया है। पुराने ड्रम को काट कर बैठने के लिए कुर्सी और टेबल बनायी गई है, तो इलेक्ट्रिक पैनल्स से टेबल और बेंच बनाए गए हैं। कैफे में एक पुरानी एंबेसेडर कार को सोफा में ढाला गया है। यह कार 2001 तक बिहार राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष की सरकारी गाड़ी हुआ करती थी।

BBCI


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बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग के चीफ इंजीनियर (सिविल) सरोज कुमार सिन्हा बताते हैं कि इस कैफे का बेसिक आइडिया उर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत का था। वहीं प्रोफेशनल आर्टिस्ट मंजीत और नेहा सिंह ने कबाड़ को तब्दील कर एक खूबसूरत कॉफी शॉप का रूप दिया है।

कैफे की दीवारों पर पुराने और खराब हो चुके सामान से शोपीस बनाकर लगाए गए हैं। यहां पुरानी साइकिल का इस्तेमाल कर नेमप्लेट भी बनाया गया है।

एनर्जी कैफे को आप मॉडर्न आर्ट का बेहतरीन उदाहरण कह सकते हैं।

सरोज कुमार सिन्हा के अनुसार एनर्जी कैफे में इंटीरियर और सजावट के अलावा कई तरह के पकवान भी उपलब्ध होंगे, जिनकी स्वच्छता और गुणवत्ता पर खास नजर रखी जाएगी।

सरोज बताते हैं-

“एनर्जी कैफे में हर दिन का मेनू अलग होगा। यहां नॉर्थ, साउथ और बिहार के स्पेशल डिसेज की वैराइटीज उपलब्ध रहेंगी। यह बिहार का पहला ऐसा कैफे होगा, जहां ताजे फलों का रस लोगों को सर्व किया जाएगा। हमारे कुक भी पटना के खास कुक होंगे, जिन्हें स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई  है। इस कैंटीन में समोसा जैसे आॅयली फूड नहीं मिलेगा।”

अक्सर हम घर के पुराने सामानों को इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं।  अगर इन्हें सही ढंग से संभाला जाए, तो इससे न सिर्फ पर्यावरण और उर्जा की बचत होगी, बल्कि अपने कलात्मक क्षमता से उसे नया रूप देकर उपयोग में भी ला सकते हैं। एनर्जी कैफे इसका उपयुक्त उदाहरण है, जो अपने अनोखे प्रयास से उर्जा बचाने का संदेश दे रहा है।


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