आ रहा है इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जमाना, सरकार ने दिए 10 हजार वाहनों के ऑर्डर

6:16 pm 4 Oct, 2017

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भारत धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक गाड़ियों के जमाने की तरफ बढ़ रहा है। जल्दी ही टाटा मोटर्स केन्द्र सरकार को 10 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सप्लाई करेगी। यह घटना इसलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कार निर्माता कंपनियों को चेतावनी दे रखी है। वाहन निर्माताओं से  इलेक्ट्रिक कार को लेकर तैयारी करने को लेकर कहा गया है। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि नहीं बिकने वाली पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों को बुलडोज कर दिया जाएगा।

सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा दक्षता सर्विसेज लि. (ईईएसएल) बिजली मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसने ही टाटा मोटर्स को 10 हजार इलेक्ट्रिक कार सप्लाई करने को कहा है। यही कंपनी सरकार की वर्ष 2030 के बाद सिर्फ बिजली से चलने वाली कारों की बिक्री संबंधी योजना को लागू करने में भूमिका अदा कर रही है। ईईएसएल की तरफ से खरीदी गई कारों का उपयोग सरकारी काम-काज में किया जाएगा। सरकारी विभागों और कार्यालयों में कारों की आपूर्ति की जाएगी।

पांच सौ इलेक्ट्रिक कार की पहली खेप नवंबर 2017 तक मिलेगी। वहीं, एक कार की कीमत 10.16 लाख रुपए है जीएसटी लगाने के बाद इसकी कीमत 11.2 लाख रुपये होगी। कंपनी इस पर पांच वर्ष की वारंटी भी देगी।

सरकार के इस कदम को भारत में इलेक्ट्रिक कार क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी का दावा है कि पहली बार दुनिया में किसी एक कंपनी ने इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक कारें खरीदने का ऑर्डर दिया है।

कुछ ही दिन पहले ऊर्जा मंत्री पीयुष गोयल और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि वर्ष 2030 से देश में सिर्फ बिजली वाली कारों की बिक्री की जाएगी। अब यह साफ़ हो गया है कि भारतीय कार बाजार का गेम पूरी तरह से बदलने वाला है। लिहाजा अन्य मोटर कम्पनियां भी अपनी रणनीति तय करेगी।

नीति आयोग का कहना है कि अगर देश में बिजली से चलने वाली कारों का इस्तेमाल सिर्फ सार्वजनिक वाहनों में ही किया जाए तो वर्ष 2030 तक पेट्रोल व डीजल की मांग में 64 फीसद तक की कमी हो सकती है और कार्बन उत्सर्जन में भी 37 फीसदी कटौती की जा सकती है।


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