वर्ष 2030 तक भारत की सड़कों पर दौड़ेंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक कार

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Updated on 5 May, 2017 at 4:38 pm

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पेट्रोल और डीजल के दिन लदने वाले हैं। दरअसल, भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक यहां की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्रिक कार चलाने का लक्ष्य रखा है। इससे देश के ट्रान्सपोर्ट सिस्टम का चेहरा बदल जाएगा।

यह जानकारी ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने सीआईआई के सालाना सत्र 2017 को संबोधित करते हुए दी।

ऊर्जा मंत्री गोयल का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रमोशन के लिए भारी उद्योग मंत्रालय तथा नीति आयोग साथ मिलकर काम कर रहे हैं। लोगों को किफायती कीमत पर इलेक्ट्रिक कार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लोग इसे खरीद सकें। सरकार की तरफ से चार्जिंग स्टेशन और बैटरी बदलने के प्रोग्राम बड़े स्तर पर शुरू किए जाएंगे।


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पीयूष गोयल ने कहाः

‘हम बहुत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पेश करने जा रहे हैं। विचार यह है कि 2030 तक, एक भी पेट्रोल या डीजल कार देश में नहीं बेची जानी चाहिए।’

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दुनिया में अभी सिर्फ 1 फीसदी इलेक्ट्रिक कार परिचालन में हैं। हालांकि, वर्ष 2025 तक यह आंकड़ा 20 फीसदी तथा वर्ष 2030 तक 30 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

माना जा रहा है कि अगर सरकार को अपनी योजना में सफलता मिलती है तो देश में तेल के आयात की जरूरत नहीं होगी। साथ ही इसका असर देश के 53 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा।

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