उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनावी घोषणा, जानिए क्या है सियासी हाल

author image
Updated on 4 Jan, 2017 at 9:29 pm

Advertisement

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। इन राज्यों में चुनावों के लिए 4 फरवरी को पहली वोटिंग तथा आखिरी वोटिंग 8 मार्च को होगी, जबकि वोटों की गिनती 11 मार्च को होगी।

उत्तर प्रदेश में मतदान सात चरण (11 फरवरी, 15 फरवरी, 19 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 4 मार्च और 8 मार्च ) में कराए जाएंगे, वहीं मणिपुर में मतदान 4 मार्च तथा 8 मार्च को तय किया गया है। पंजाब तथा गोवा में मतदान 4 फरवरी को कराए जाएंगे। वहीं, उत्तराखंड में मतदान 15 फरवरी को होगा। चुनावों की तारीख की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। एक नजर डालते हैं इन राज्यों के सियासी हालात पर।

उत्तर प्रदेश में सपा की राह आसान नहीं, भाजपा को बढ़त

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अब तक बेहतर स्थिति में दिख रही थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम से राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच तनातनी के बाद अब हालात बदले दिख रहे हैं। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि वर्चस्व की लड़ाई पार्टी के प्रदर्शन पर असर डालेगी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी बढ़त बनाते दिख रही है। दो दिन पहले ही लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने को लोग उनकी लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं।

इस बार भाजपा यहां बगैर मुख्यमंत्री की घोषणा किए चुनाव मैदान में उतर रही है। सारा दारोमदार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि पर होगा। कुल मिलाकर पार्टी के लिए विकास सबसे बड़ा एजेन्डा है। नोटबंदी के बाद भाजपा के हौसले बुलंद हैं। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव नोटबंदी पर जनमत संग्रह साबित होंगे। जहां तक बहुजन समाज पार्टी की बात है तो इसने उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं, कांग्रेस पार्टी भी खुद को चुनावों के लिए तैयार बता रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित गठजोड़ पर भी चर्चा हो रही है, लेकिन सपा के अंदरुनी झगड़ों की वजह से स्थितियां क्या होगी, इसका अंदाजा मुश्किल है।

क्या पंजाब में सरकार बचा ले जाएगा अकाली-भाजपा गठबंधन?


Advertisement

लोकसभा चुनावों के दौरान पंजाब में आम आदमी पार्टी को सबसे अधिक 4 सीटें और 24 फीसदी वोट मिले थे। देश के किसी भी राज्य की तुलना में पंजाब में दलित वोट बैंक मजबूत है और अरविन्द केजरीवाल को इनका समर्थन प्राप्त है। हालांकि, अकाली दल और भाजपा यहां आम आदमी पार्टी को खारिज करते हैं। अकाली दल का मानना है कि उसका मुकाबला आम आदमी पार्टी से नहीं, बल्कि कांग्रेस से है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि आम आदमी पार्टी के मैदान में होने से वोटों का बंटवारा हो और इससे अकाली-भाजपा गठबंधन को बढ़त मिल सकती है।

दूसरी तरफ इस गठबंधन को मोदी फैक्टर पर भी भरोसा है। अभी कुछ ही दिन पहले चंडीगढ़ के निकाय चुनावों में भाजपा ने बंपर जीत हासिल की थी। इससे उम्मीदें बढ़ गई हैं। वहीं, पंजाब में कांग्रेस पार्टी नाउम्मीद नहीं है। भाजपा से कांग्रेस से शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू अब पार्टी टिकट पर अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ेंगे। यही वजह है कि यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार बन रहे हैं।

गोवा में जीत को लेकर आश्वस्त है आम आदमी पार्टी

गोवा विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी पहली बार मैदान में है। यहां भाजपा की सरकार है, लेकिन आम आदमी पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है। वहीं, लक्ष्मीकांत पार्सेकर भाजपा के लिए तुरूप का पत्ता साबित हो सकते हैं। परिणाम क्या होंगे, यह चुनावों के बाद चल सकेगा।

उत्तराखंड और मणिपुर में बदलेगी सरकार!

उत्तराखंड में आमतौर पर प्रत्येक पांच साल में सरकारें बदल जाती हैं। हरीश रावत की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार ने बीते कुछ वक्त में काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। जहां तक मणिपुर की बात है तो यहां कांग्रेस पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, वहीं भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने की कवायद में है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement