यह है दुनिया का आठवां महाद्वीप, 94 फीसदी हिस्सा पानी में

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Updated on 18 Feb, 2017 at 10:23 am

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वैज्ञानिकों ने दुनिया का आठवां महाद्वीप खोज निकालने का दावा किया है। इसे खोजने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका 94 फीसदी हिस्सा पानी में है और यही वजह है कि अब तक इसकी पहचान नहीं हो सकी थी।

यह महाद्वीप न्यूजीलैंड के बिल्कुल नीचे है और इसका अधिकतर हिस्सा दक्षिण प्रशांत महासागर में डूबा हुआ है।

इस संबंध में एक रिपोर्ट जिओलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका जर्नल में छपी है। इस शोध रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीलैन्डिया नामक इस महाद्वीप का आकार 50 लाख वर्गमीटर के करीब है। इसका क्षेत्रफल ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रफल के दो-तिहाई है।



जीलैन्डिया के भूभाग में वे सभी बातें हैं जो किसी अन्य महाद्वीप में पाई जाती हैं।

इसका अपना भूशास्त्र है और यह तीन बड़े भूभागों को मिलाकर बना है। इसका तल समुद्री तल से कहीं अधिक मोटा और कठोर है। इन नए महाद्वीप में न्यूजीलैंड का उत्तरी और दक्षिणी द्वीप और न्यू कैलिडोनिया का उत्तरी हिस्सा शामिल है।

हालांकि, इस शोध की खास बात यह है कि इसे अब तक महाद्वीप नहीं माना गया है। वैज्ञानिक कहते हैं कि इसे महाद्वीप मानने के बाद ही यह तय होगा कि यह कैसे बना और किस तरह टूट गया। साथ ही इसके आंकड़े इकट्ठा करना एक मुश्किल काम है, क्योंकि इसका अधिकतर हिस्सा समुद्र में डूबा हुआ है।


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