एफिल टॉवर को रंगने के लिए चाहिए 60 हजार किलो रंग, अब दिखेगा एक अलग ही कलर में

Updated on 23 Mar, 2018 at 5:01 pm

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कुछ ऐसी मानव कृतियां हैं, जो अलग-अलग देशों की पहचान बन गई हैं। भारत के लिए ताजमहल ऐसी ही एक कृति है, जो कि सफ़ेद रंग की है। वहीं, फ़्रांस की पहचान एफिल टॉवर से है, जो कि हलके भूरे रंग की है। हालांकि, अब ये अपने मूल रंग में नहीं है, लिहाजा इसे फिर से रंगने की तैयारी चल रही है।

रंग बदलने से पहले एक बार देख लें इस टॉवर को!

 

 

गौरतलब है कि इस विशाल टावर को रंगना उतना सहज काम नहीं है। इसे रंग करने में 2.4 हजार करोड़ रुपए का खर्च होने की संभावना है। बजट बन गया है और अब कहा जा रहा है कि पूरे टॉवर को रंगने में 3 साल तक का समय लग सकता है। रिपोर्ट की मानें तो अक्टूबर से पुताई का काम शुरू किया जाएगा। एफिल टॉवर का रंग फीका पड़ गया था, लिहाजा ऐसा प्रस्ताव दिया गया है।

 

फ्रांस के इस मशहूर कृति को 19वीं बार पेंट किया जाएगा। टॉवर के 129 साल के इतिहास में इसका रंग बदलता रहा है। इसको चमकदार बनाने में  60 हजार किलो लाल पेंट की आवश्यक होगी।


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एफिल टॉवर जब 1889 में बना था, तब इसका रंग लाल ही था। उसके इतिहास को ताजा करने के लिए फिर से लाल रंग के इस्तेमाल करने की योजना है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसले का अभी इंतजार है। इस पुताई के दौरान ही कुछ हिस्सों की मरम्मत भी की जाएगी।

 

 

पेरिस सिटी प्रशासन ने सुझाव दिए हैं कि टावर का रंग न बदलकर पुराने पेंट पर ही नया भूरा पेंट करा दिया जाए, लेकिन फ्रेंच सरकार का रुख अभी साफ़ नहीं है। चूंकि इस टावर को रंगने में रिस्क भी पर्याप्त हैं, लिहाजा बड़े ही सधे क़दमों से काम को अंजाम देना होगा। कारीगरों के लिए ये काम चुनौती भरा होगा।

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