पिज्जा के बॉक्स के लिए आपके शहर में उड़ते दिखेंगे ड्रोन्स, रहिए तैयार

Updated on 18 Jul, 2018 at 2:47 pm

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छोटे से उड़ने वाले इस रोबोट को ‘ड्रोन’ को आपने कई बार हवा से बातें करते देखा होगा। मौजूदा समय में खेल और मनोरंजन से लेकर सीमा सुरक्षा तक हर कहीं ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है। इतना ही नहीं, अब तो कृषि के क्षेत्र में भी ड्रोन नजर आने लगा है। दुनियाभर में आज ड्रोन मिलियन डॉलर का कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, भारत में अभी भी सामरिक सुरक्षा के नाम पर ड्रोन पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं, जिसके चलते काफी लंबे समय से कारोबारी ड्रोन की गाइडलाइंस  तैयार करने की मांग कर रहे हैं। इसका असर अब दिखने लगा है।

 

 


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सरकार ने ड्रोन्स को रेग्युलेट करने के लिए पहला ड्राफ्ट तैयार कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सिविल कामों में ड्रोन के इस्तेमाल को अनुमति देने का फैसला किया है, इसके लिए ड्रोन को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद आधार जैसे यूनिक नंबर के साथ जोड़ा जाएगा।

 

 

माना जा रहा है कि ड्रोन के लिए नियामक दिशा-निर्देश तैयार होने के बाद आगामी अक्टूबर से ड्रोन के जरिए पिज्जा-बर्गर की डिलीवरी भी हो सकेगी।

 

 



फिलहाल नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय समिति ड्रोन से जुड़े कई दिशा- निर्देशों को तैयार कर रही है। इसमें 250 ग्राम से कम के नैनो- ड्रोन पर प्रतिबंध औरअंतर्राष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक ‘नो ड्रोन जोन’ बनाने जैसी कई गाइडलाइंस शामिल है। बता दें कि फिलहाल डीजीसीए ने ड्रोन के निजी इस्तेमाल पर रोक लगाई हुई है।

 

 

पहली बार प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन समय के साथ जरूरतें बदलती गई और डिफेंस सेक्टर के अलावा सिविल उड़ानों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाने लगा। आज आलम ये है कि दुनियाभर में ड्रोन काफी लंबी उड़ाने भरने लगा है। बहुत से  देशों में निजी कंपनियां लॉजिस्टिक्स और व्यापार के लिए भी ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रही हैं।

 

 


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