एक लाख से अधिक डिलिवरी कराने वाली पद्मश्री डॉ. भक्ति यादव का निधन

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Updated on 14 Aug, 2017 at 3:44 pm

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इंदौर शहर की पहली महिला एमबीबीएस डाक्टर और इसी साल पद्मश्री सम्मान से नवाजी गई भक्ति यादव का आज निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीबन पिछले 6 सालों से अस्टियोपोरोसिस नाम की बीमारी से पीड़ित थी, जिस कारण उनका वजन लगातार घट रहा था। वह लम्बे समय से बीमार चल रही थीं, इसके बावजूद एक डॉक्टर होने के नाते वह जरूरतमद लोगों का उपचार निःशुल्क करती रहीं।

भक्त‍ि यादव स्त्री रोग विशेषज्ञ थी। बतौर गायनेकोलाजिस्ट 1948 से काम कर रहीं भक्ति यादव ने सेवा भाव से निःशुल्क इलाज किया।

अपने जमाने की गिनी- चुनी महिला डॉक्टरों में से एक भक्ति यादव अपने पिछले 68 साल के चिकित्सा करियर में एक लाख से ज्यादा महिलाओं का इलाज कर चुकी थीं।

भक्ति यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया।

सरकारी अस्पताल से रिटायर होने के बाद भी डॉ यादव अपने निजी क्लीनिक पर सेवाएं देती रहीं। वह 92 साल की उम्र तक डिलीवरी करवाती रहीं ।


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छड़ी के सहारे चलने वाली भक्ति यादव को उठने-बैठने में काफी तकलीफ होने लगी थी,  लेकिन वह अपनी अंतिम सांस तक दूसरों की सेवा करनी चाहती थीं। भक्त‍ि आज के दौर के डॉक्टरों के रवैये से काफी निराश थी। उनका मानना था कि आज के समय में ऐसे कम ही डॉक्टर देखने को मिलते हैं, जो अपने मरीजों से दिल से जुड़ते हैं। भक्त‍ि का मानना था कि मरीज के साथ दिल से जुड़ना बहुत जरूरी है।

कुछ लोग भीड़ से अलग होते हैं और भक्त‍ि यादव उन्हीं में से एक थीं। उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा को समर्पित कर दिया।

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