तो क्या उत्तर प्रदेश के अवैध बूचड़खानों में कुत्ते भी काटे जाते रहे हैं ?

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Updated on 27 Mar, 2017 at 11:44 am

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उत्तर प्रदेश के अवैध बूचड़खानों में सिर्फ गाय-भैंस ही नहीं काटे जाते रहे हैं, बल्कि यहां कुत्ते भी काटे जाते रहे हैं !

इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह आरोप खुद मांस व्यापारियों ने लगाया है। द हफिंग्टन पोस्ट ने अपने रिपोर्ट में मांसाहारी होटल चलाने वाले एक होटल मालिक के हवाले बताया है कि अवैध बूचड़खानों में कुत्ते भी काटे जाते रहे हैं। होटल मालिक ने अपना नाम न छापने की शर्त पर वेबसाइट से कहा कि मांस में कमी की वजह से अब वह दिल्ली से इसे मंगाने पर विचार कर रहे हैं। उक्त व्यापारी ने अवैध बूचड़खाने बंद करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

होटल मालिक का कहना है कि यह धर्म से जुड़ा हुआ मामला नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मसला है। हर किसी को बेहतर गुणवत्ता का मांस और मछली खाने का अधिकार है।

इससे पहले बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में मांस विक्रेताओं के अलावा मछली कारोबारियों ने अनिश्चतकालीन हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। इस हड़ताल की वजह से मांस परोसने वाले होटल अब बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं।


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लखनऊ बकरा गोश्त व्यापार मंडल के अधिकारी मुबीन कुरेशी ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। कुरेशी ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले से लाखों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कुरेशी ने कहाः

“हमने अपनी हड़ताल को और तेज करने का फैसला किया है। मांस की सभी दुकानें बंद रहेंगी। मछली विक्रेताओं ने भी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है।”

आरोप है कि उत्तर प्रदेश के तमाम बड़े होटलों में मटन कबाब के नाम पर भैसों का मांस ग्राहकों को खिलाया जाता रहा है।

अवैध बूचड़खानों पर राज्य सरकार की कार्रवाई की वजह से सबसे अधिक नुकसान ऐसे ही होटलों का हुआ है।

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