यह डॉक्टर दंपति बेटी होने पर नहीं लेता है फीस; उल्टे करता है मदद

Updated on 27 Feb, 2016 at 9:06 pm

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एक डॉक्टर दंपति ऐसा है जो बेटी होने पर फीस नहीं लेता। यही नहीं उल्टे वह माता-पिता की मदद करता है।

बेटियों के लिए यह अनोखी मुहिम चला रहे हैं डॉ. एम के श्रीवास्तव और उनकी पत्नी डॉ. शिप्रा धर श्रीवास्तव।

ये डॉक्टर दंपति अपने अस्पताल में बेटियों की डिेलेवरी मुफ्त में करते हैं। उनके अस्पताल में पिछले एक साल में 100 बेटियों ने जन्म लिया और इसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली है।

करीब डेढ साल पहले इस दंपति ने ‘बेटी नहीं है बोझ, बदलेंगे हम सोच’ नामक योजना की शुरुआत की थी। इन्हें पता ही नहीं चला कि कब यह योजना एक मिशन में बदल गई। अब उनकी कोशिश विश्व रिकॉर्ड बनाने की है।


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डॉ. शिप्रा का कहना हैः

“अधिकतर लोगों को जब पता चलता है कि बेटी का जन्म हुआ है तो वे मायूस हो जाते हैं। कई बार तो वे रोने लगते हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले माताओं और उनके परिजनों की सोच को बदलने के लिए हमने यह पहल की। जब लोगों पर पैसों का बोझ नहीं पड़ेगा, तो हो सकता है कि वे दुःखी न हों।”



डॉ. शिप्रा और उनके पति की यह योजना कामयाब होती दिख रही है। लोगों की मानसिकता और सोच में परिवर्तन दिखाई पड़ रहा है। यही नहीं, जब भी इस अस्पताल में बेटी का जन्म होता है तो खुशी का माहौल दिखाई पड़ता है।

 डॉ. शिप्रा के मुताबिक, वह जल्दी ही अपने अस्पताल में एक कार्यक्रम का आयोजन करेंगी और अस्पताल में पैदा हुई सौ बेटियों के परिजनों को आमंत्रित करेंगी।

उपहार में वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाकर परिजनों को भेंट करेंगी।

साभारः newztrack


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