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अपने प्यार को पाने के लिए दिव्या भारती ने कबूला था इस्लाम, मौत है आज भी रहस्य

Published on 25 February, 2018 at 5:35 pm By

आज दिव्या भारती का जन्मदिन है और सिनेमाप्रेमियों के लिए दिव्या की मौत किसी सदमे से कम नहीं रही है। मात्र 19 साल में दुर्घटना की शिकार हुई दिव्या भारती यदि आज ज़िंदा होतीं तो अपना 44वां जन्मदिन मना रही होतीं। खैर, मृत्यु पर किसी का वश नहीं चलता, जिसका ताजा उदाहरण श्रीदेवी भी हैं।


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श्रीदेवी को याद करते हुए दिव्या भारती बरबस याद आती हैं। एक वक़्त ऐसा था जब दिव्या की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ रही थी कि लोग उन्हें नंबर वन मानने लगे थे और कला से लेकर ख़ूबसूरती में श्रीदेवी को कोई टक्कर दे सकती थी तो वह दिव्या भारती ही थी।

श्रीदेवी के जाने पर हम शोकाकुल तो हैं ही, वहीं दिव्या का जन्मदिन भी अब शोक दिवस का रूप ले चुका है। बता दें कि दिव्या की मौत का रहस्य इतना पेचीदा है कि ये पता लगाना संभव नहीं हो पाया कि उनकी मृत्यु एक दुर्घटना थी या फिर मर्डर। दिव्या भारती की मौत की पुलिस जांच भी हुई हालांकि इसे 1998 में क्लोज कर दिया गया।

 

 

कम ही लोग जानते होंगे कि फिल्माकर साजिद नाडियाडवाला की पहली पत्नी दिव्या भारती थीं। बताया जाता है कि साजिद दिव्या भारती से दीवानों की हद तक प्यार करते थे और अक्सर उनसे मुलाकात के लिए गोविंदा की मदद लिया करते थे।


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फिल्म ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग के समय गोविंदा ने दिव्या को साजिद से मिलवाया था। फिर देखते ही देखते दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा और फिर उन्होंने शादी के बंधन में बांधने का फैसला लिया। बताया जाता है कि साजिद से शादी के लिए दिव्या ने इस्लाम धर्म कबूला और 10 मई 1992 को दोनों की शादी हुई।



 

 

बता दें कि शादी के बाद संदिग्ध हालत में दिव्या की मौत हो गई। संदेह की सुई उनके पति साजिद पर भी घूमती रही, लेकिन कुछ भी साबित न हो सका। उनकी मृत्यु मुंबई स्थित वर्सोवा में तुलसी भवन अपार्टंमेंट की पांचवीं मंजिल से नीचे गिरने से हुई थी। जांच रिपोर्ट में भी सिर पर गहरे जख्म की बात सामने आई।

 

 

हांलाकि, उनके गिरने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी और साल 1998 में मुंबई पुलिस ने उनकी मौत की जांच को आकस्मिक मौत करार देते हुए फाइल बंद कर दी। महज चार साल के करियर में दिव्या ने लगभग 14 फिल्मों में काम किया, जिनमें 7 हिन्दी और 7 साउथ की फिल्में शामिल रहीं।

 

 


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बताते चलें कि 1992 में आई फिल्म ‘विश्वात्मा’ के गाने ‘सात समुन्दर पार गाने’ ने दिव्या भारती को पहचान दी, तो वहीं ऋषि कपूर और शाहरुख के साथ 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘दीवाना’ में उनकी अदाकारी ने लोगों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।

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