जानिए कौन थीं धोनी की गर्लफ्रेंड जिससे वह करते थे बेइंतेहा प्यार, ऐसे हुई थी मौत

author image
Updated on 21 Nov, 2017 at 5:28 pm

Advertisement

महेंद्र सिंह धोनी, आज इस नाम को कौन नहीं जानता, जिसने अपनी कप्तानी में क्रिकेट के हर प्रारूप में टीम इंडिया को बुलंदियों तक पहुंचाया है।

ये वो सितारा है जिसके नाम से दुनिया का हर क्रिकेट प्रेमी वाकिफ है। उनके खेल के प्रशंसक देश ही नहीं, दुनियाभर में मौजूद हैं।

जितना लोग उनके खेल को लेकर उत्सुक रहते हैं वहीं उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़े ख़ास पहलू से भी फैन्स रूबरू होना चाहते हैं।

 

यक़ीनन आप धोनी से जुड़ी कई बातें जानते होंगे, लेकिन कुछ बातें हैं जो अभी भी कई फैन्स को नहीं पता।


Advertisement

जब धोनी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने के लिए जद्दोजहद में लगे हुए थे, तो उनकी ज़िंदगी में एक ऐसी घटना हुई जिसने उनको अन्दर तक तोड़कर रख दिया था। उन्होंने अपने दिल के करीब एक शख्स को खोया था, जिसे वह बेइन्तेहा प्यार करते थे।

 

यह कहानी उस समय की है, जब महेंद्र सिंह धोनी का नाम क्रिकेट की दुनिया में कोई नहीं जाना जाता था। वह एक युवा की तरह अपनी आखों में टीम इंडिया की जर्सी पहने देश के लिए खेलने का सपना संजो रहे थे। दिन-रात अपने उस सपने को हकीकत में तब्दील करने के लिए वह मेहनत में लगे रहते।

इस दौरान धोनी की ज़िंदगी में एक ऐसे शख्स ने दस्तक दी जो हमेशा के लिए उनके दिल में घर कर गई। आज करोड़ों लड़कियों के दिलों में राज करने वाले ‘माही’ के दिल में जिस लड़की ने घर किया, उसका नाम था प्रियंका झा। उस वक्त धोनी 20 साल के होंगे।

 

वह उनका पहला प्यार तो थी ही, साथ ही उनकी अच्छी दोस्त भी थी। धोनी ने प्रियंका से शादी के सपने भी संजोना शुरू कर दिए थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

अपने खेल के प्रति गंभीर धोनी का चयन इसी दौरान 2003-04 में ज़िम्बाम्बे और केन्या के दौरे पर जाने वाली इंडिया ‘ए’ टीम के लिए हो गया। बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज उतरे धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक समेत 72.40 की शानदार औसत से 362 रन जड़े थे। यहां उनका शानदार प्रदर्शन देख वह कप्तान सौरव गांगुली व चयनकर्ता रवि शास्त्री की नजरों में आ गए। इसके बाद उनका चयन 2004 में बांग्लादेश दौरे के लिए हुआ।

इंडिया ‘ए’ के विदेशी दौरे से जैसे ही वह भारत वापस पहुंचे, उन्हें अन्दर तक हिला देने वाली खबर मिली। उन्हें पता चला कि एक सड़क हादसे में प्रियंका की मौत हो गई है।

 

इस खबर को सुनकर धोनी अन्दर तक टूट चुके थे। जिसके साथ कभी शादी के सपने संजोए उसके चले जाना का दर्द बहुत गहरा था। उनके करीबी दोस्तों को धोनी की चिंता सता रही थी कि धोनी इस हादसे से कभी उबर भी पाएगा या नहीं।

लेकिन धोनी ने हिम्मत नहीं हारी और प्रियंका की यादों से बाहर आने के लिए खुद को क्रिकेट को समर्पित कर दिया।

 

उन्होंने अपना पूरा ध्यान क्रिकेट में लगा दिया। इस सदमे से बाहर आने में उन्हें लगभग एक साल का वक्त लग गया था।

फिर साक्षी के रूप में उनकी ज़िंदगी में खुशियों ने दस्तक दी। साल 2010 में धोनी साक्षी के साथ विवाह बंधन में बांध गए और अब उनकी एक बेटी जीवा भी है।

sindhidunya


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement