इस्लाम को शांति का धर्म कहना बंद करिएः तस्लीमा नसरीन

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Updated on 3 Jul, 2016 at 6:49 pm

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बांग्लादेश से निर्वासित होकर भारत में अपने दिन गुजार रही बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ढाका के रेस्टोरेन्ट पर हुए आतंकवादी हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

तस्लीमा ने कहा है कि इस्लाम को शांति का धर्म कहना बंद किया जाए। साथ ही उन्होंने इस धारणा को भी गलत बताया है कि गरीबी की वजह से आतंकवादी पैदा होते हैं।

एक के बाद एक कई ट्वीट्स के जरिए तस्लीमा ने कहा है कि वैश्विक आतंकवाद में बांग्लादेश की बड़ी भागीदारी है और यही वजह है कि इस्लाम को शांति का धर्म कहने से बचना चाहिए।

मानवाधिकार की प्रखर समर्थक तस्लीमा वर्ष 1994 के बाद से भारत में रह रही हैं। उनके पुस्तकों और विचारों की वजह से अलकायदा सहित अन्य आतंकवादी समूहों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दे रखी है।

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