मां दुर्गा के सैनिटरी पैड वाले पोस्टर ने मचाया बवाल, लोगों ने कहा- राष्ट्र विरोधी

4:44 pm 4 Oct, 2018

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हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक नवरात्रि का पर्व अगले हफ़्ते से शुरू होने वाला है और लोग दुर्गा पूजा की तैयारियों में लग गए हैं। हमारे देश में एक अजीब विरोधाभास है। एक ओर जहां हम देवी मां की पूजा करते हैं, वहीं पीरियड्स के समय महिलाओं को शामिल नहीं होने देते। महिलाओं को उनके माहवारी के दिनों में मंदिर में जाने की इजाज़त नहीं होती। इसी के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए अनिकेत मित्र नाम के एक कलाकार ने मां दुर्गा का एक ऐसा पोस्टर बनाया, जिसमें सैनिटरी पैड दिख रहा है। सोशल मीडिया पर ये पोस्टर आते ही लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

 

 


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अनिकेत ने पोस्टर में एक सैनिटरी नेपकीन के ऊपर के हिस्से में चक्र जैसी गोल आकृति बनाई है जो देवी दुर्गा के हर तस्वीर में सिर के पीछे की ओर होती है। पैड के ऊपर लाल रंग से एक कमल का फूल बनाया है। दरअसल, अपने इस पोस्टर के ज़रिए अनिकेत महिला अधिकारों की बात कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक ओर तो हम हर साल नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करते हैं, वहीं दूसरी ओर अपने ही समाज में महिलाओं को पीरियड्स की वजह से उस पूजा में शामिल होने से रोकते हैं। अनिकेत कहते हैं-

“हर साल राज्य सरकार दुर्गा पूजा पर काफ़ी पैसे खर्च करती है। कई कमेटी भी इसके लिए लोगों से चंदा जुटाती हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर सेनिटरी नैपकीन की वेंडिंग मशीन नहीं लगाई जाती, जबकि लोगों को पता है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब बाहर निकलती हैं।”

ये है वो विवादित पोस्टर

 



अनिकेत का कहना है कि आज के आधुनिक युग में भी इस तरह की बातें सुनकर उन्हें गुस्सा आता है। अनिकेत कहते हैं-

 

“मैंने पहले अपनी बहनों को इस टैबू का शिकार होते हुए देखा है और अब अपनी पत्नी को इसका शिकार होते हुए देख रहा हूं। मैंने खुद देखा है कि पीरियड्स की वजह से उन्हें कई जगहों पर जाने से रोका गया है। उन्होंने कहा कि 2018 में रहने वाला आदमी जब इस तरह की बात करता है तो मुझे बहुत गुस्सा आता है।”

 

 

कई पीढ़ियों से चले आ रहे टैबू को खत्म करने के इरादे से अनिकेत ने ये पोस्टर बनाया ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े, मगर इसकी बजाय लोगों ने उनका ही विरोध करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर शेयर करते ही उन्हें एंटी-हिंदू’ और ‘एंटी-नेशनल’ कहा गया। बाद में अनिकेत ने ये पोस्ट हटा दी। अनिकेत का कहना है कि उन्होंने अपनी कला के ज़रिए बस विरोध प्रदर्शन किया। वहीं लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसी चीज़ें सार्वजनिक रूप से पोस्ट नहीं करनी चाहिए।


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