पटाखा बिक्री प्रतिबंध के फैसले के विरोध में ‘दिल्ली की जनता’, लगे पोस्टर

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Updated on 17 Oct, 2017 at 7:28 pm

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अब जैसा कि दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पटाखों की बिक्री पर 1 नवम्बर तक की रोक लगी है। इसको लेकर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग कोर्ट के फैसले के पक्ष में हैं, तो कुछ इसका विरोध भी कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली की सड़कों पर कुछ पोस्टर देखने को मिले, जिनमें कोर्ट के पटाखा बैन के फैसले पर सवाल उठाए गए।

सबसे अचरज की बात तो ये है कि जिन इलाकों में ये पोस्टर लगाए गए, वहां पुलिस की कड़ी चौकसी रहती है। पटेल चौक मेट्रो स्टेशन, आईटीओ और अशोक रोड पर लगे ये पोस्टर किसने लगाए, यह पता नहीं चल पाया है। आईटीओ पर तो दिल्ली पुलिस का हेडक्वॉर्टर भी है। ऐसे में कैसे कोई शख्स ये पोस्टर लगा गया, इसपर पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठ रहे हैं।

इन पोस्टरों में नीचे से दिल्ली की जनता लिखा हुआ है। पोस्टरों के माध्यम से ये बताया जा रहा है कि दिल्ली की जनता पटाखों के बैन के फैसले से नाराज है। सुप्रीम कोर्ट को इन पोस्टर में घेरे में लिया गया।

इनमें से एक पर लिखा गया – ‘IIT कानपुर की रिपोर्ट कहती है कि पटाखों से कहीं अधिक प्रदूषण अन्य स्रोतों से होता है। आप केवल पटाखे ही देख पाए।’


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बता दें कि फैसला आने के बाद कारोबारियों द्वारा बैन पर पुनर्विचार करने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि यह बात बहुत दुःख पहुंचाने वाली है कि प्रदूषण से जुड़े इस मसले को कुछ लोग सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का जहां अधिकतर लोगों ने स्वागत किया, वहीं कुछ लोगों इसे हिंदू विरोधी करार दे रहे हैं। जाने-माने लेखक चेतन भगत से लेकर त्रिपुरा के गवर्नर तथागत रॉय तक इस फैसले को हिंदू विरोधी करार दे चुके हैं।

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