वीआईपी कल्चर का समापन, राष्ट्रपति की गाड़ी में भी लगेगी नंबर प्लेट!

8:52 pm 8 Jan, 2018

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देशभर में पिछले कुछ सालों से वीआईपी कल्चर को लेकर विरोध के स्वर उभर रहे हैं। वैसे भी जनसेवकों को वीआईपी सुविधा मिलना जनतांत्रिक देश में अजीब लगता भी है। इसी को देखते हुए ‘लाल बत्ती’ को हटाने का निर्णय लिया गया और अब इस कड़ी में एक और चीज जुड़ गई है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस विषय में निर्णय दिया है!

हाईकोर्ट ने एक स्वंय सेवी संस्थान द्वारा दायर पी.आई.एल की सुनवाई करते हुए आदेश दिए है कि सभी गाडियों के लिए नंबर प्लेट आवश्यक होंगे। यहां तक कि राष्ट्रपति भी अब बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों में सफ़र नहीं कर सकेंगे। बिना नंबर की गाड़ी पर चलना वीआईपी कल्चर को इंगित करता है।

हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद अब देश के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल और अन्य पदों पर आसीन लोगों की गाड़ियों पर भी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाए जाएंगे। इससे पहले इनकी गाड़ियों पर नंबर प्लेट नहीं होते थे और राष्ट्रीय ध्वज या राष्ट्रीय प्रतीक लगाया जाता था।

हाईकोर्ट के अनुसार, सरकारी पदों पर बैठे लोग जनता की सेवा में लगे हैं, इसलिए उन्हें लोगों की भावना का कद्र करना जरूरी है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद को प्रधान सेवक कहना पसंद करते हैं। आजादी के इतने सालों बाद भी अगर सरकारी बाबू थोड़े सहज होते हैं तो पब्लिक रिलीफ महसूस करे।

पिछले साल ही सरकार ने सालों से स्टेटस सिम्बॉल रहे लालबत्ती को हटा दिया था। इसे राष्ट्रपति से लेकर सभी सरकारी पदों पर आसीन अधिकारियों की गाड़ी से हटाने के आदेश दिए गए थे। अब इस नये नियम से इस दिशा में सुधार के प्रयासों की वाकई तारीफ होनी चाहिए।

nationalherald


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जानकारी हो कि मोटर वेहिकल एक्ट के अनुसार किसी भी गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन नंबर का न होना क़ानून के खिलाफ है। अब लगता है जनता का राज कायम होकर रहेगा!

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