दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल ले जाएंगे तो मिलेगा ईनाम

Updated on 20 Nov, 2017 at 1:43 pm

Advertisement

दुर्घटना में घायलों को अस्पताल ले जाना यूं तो इंसानियत का मामला है। मुसीबत में फंसे दुर्घटनाग्रस्त लोगों को आस-पास के लोग स्वतः मदद पहुंचाते हैं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल भी ले जाते हैं। हालांकि, अब लोगों का मिजाज बदल गया है। अब लोग घायलों की मदद तो नहीं करते, लेकिन विडियो जरूर रिकॉर्ड करते हैं। सेल्फी जरूर लेते हैं।

यही वजह है कि अब दिल्ली सरकार को मजबूरी में यह घोषणा करनी पड़ रही है कि अगर कोई भी व्यक्ति दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाएगा तो उसे सरकार द्वारा ईनाम दिया जाएगा। इस पूरी कवायद से इंसानियत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या मानवता नामक चीज अब गुजरे दिनों की बात हो गई।

ndtv


Advertisement

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने एक स्कीम शुरू की है, जिसके तहत दुर्घटनाग्रस्त लोगों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचानेवाले को ईनाम के रूप में 2 हजार रुपए तथा प्रशंसा प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

दरअसल, दिल्ली सरकार का ये फैसला एक दुर्घटना को देखते हुए आया है, जिसमें सुभाष नगर में सड़क दुर्घटना के बाद मदद के अभाव में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। किसी ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की। हालांकि, दुर्घटना में कई बार ऐसी मौतें होती रहीं हैं, जब घायल को सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। ऐसे मामलों में त्वरित मदद की जरूरत होती है।



स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में दुर्घटना के शिकार लोगों को न्यूयॉर्क से अधिक तेजी से अस्पताल ले जाया जाता है। त्वरित मदद को बढ़ावा देने के लिहाज से ये कदम उठाया गया है। आशा है इससे दुर्घटना में मरनेवालों की संख्या में कमी आएगी।

वहीं, लोगों का कहना है कि मदद करने वाले को प्रोत्साहित करना ठीक है लेकिन ईनाम के लिए मदद करना इंसानियत के लिए ठीक नहीं है। कोई ईनाम की सोचकर किसी दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद करने लगे यह मानसिकता स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं है। सरकार अपने हिसाब से ठीक है लेकिन यदि सरकार को ये कदम उठाना पड़ा है, तो यही मानवीय मूल्यों के लिए शर्मनाक बात है।

वैसे इसमें सरकार की आलोचना से ज्यादा जरूरी है कि हम एक व्यक्ति और समाज के रूप में सोचें कि आखिर हम किस ओर जा रहे हैं। मदद को तड़पते इंसान की मौत होती है और हमलोग मूक दर्शक बने रहते हैं, ये समाज की बड़ी विफलता है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement