पैरालंपिक में दीपा मलिक ने रजत पदक जीतकर रचा इतिहास, 30 की उम्र में मार गया था लकवा

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Updated on 13 Sep, 2016 at 12:19 pm

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पैरालंपिक खेलों में  इतिहास रचते हुए भारत की दीपा मलिक ने  शॉटपुट (गोला फेंक) में रजत पदक जीत लिया है। इसके साथ ही वह रियो में गोला फेंक एफ-53 में रजत पदक जीतकर पैरालंपिक में पदक हासिल करने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

45 साल की दीपा मलिक ने 4.61 का स्कोर बनाया और वह दूसरे स्थान पर रहीं। बहरीन की फातेमा निदाम ने 4.76 की दूरी तय कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं ग्रीस की दिमित्रा कोरकिडा ने 4.28 का स्कोर बनाकर कांस्य पदक हासिल किया।

इस पदक के साथ ही भारत के इन पैरालंपिक्स खेलों में कुल तीन पदक हो गए हैं।

दीपा हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं और साल 2012 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह शॉटपुट के अलावा, जैवलिन थ्रो और मोटर साइकलिंग जैसे खेलों में भी खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं।



17 साल पहले रीढ़ में ट्यूमर के कारण उनका चलना असंभव हो गया था, दीपा के 31 ऑपरेशन किए गए, जिसके लिए उनकी कमर और पांव के बीच 183 टांके लगे थे। दीपा ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं।

दीपा को इस उपलब्धि के लिए हरियाणा सरकार ने चार करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार देने का फैसला लिया है।


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