केन्या में फूंक दिए गए 660 करोड़ रुपए के हाथी दांत, यह थी वजह

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Updated on 2 May, 2016 at 5:05 pm

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अफ्रीकी देश केन्या में एक साथ 100 टन से अधिक हाथी दांत जलाकर राख कर दिए गए। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत 660 करोड़ रुपए थी।

दरअसल, केन्या की सरकार को इस बात की आशंका है कि अगर हाथी दांत की तस्करी के लिए इसी तरह उनका शिकार किया जाता रहा तो यह जानवर अगले 50 सालों में विलुप्त हो जाएगा। माना जाता है कि चीन में इन दांतों की जबर्दस्त मांग है।

केन्या सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इतने सारे हाथी दांतों को नष्ट किए जाने का यह पहला मामला है।

हाथी दांतों का इस्तेमानल आम तौर पर आभूषण या सजावट के सामान बनाने में होता है।

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केन्या की सरकार का मानना है कि हाथी दांतों को इस तरह जलाने के लिए तस्कर और अवैध कारोबारी हतोत्साहित होंगे।

नैरोबी नेशनल पार्क में वन्यजीव अधिकारियों और समाजिक कार्यकताओं की मौजूदगी में बड़ी मात्रा में ये हाथी दांत जलाए गए। हाथी दांतों की सुरक्षा के लिए वन्यजीव रेन्जर्स को तैनात किया गया था।

ये दांत इतने भारी थे कि एक-एक दांत को उठाने के लिए दो-दो लोगों को लगाया गया था। हाथी दांतों के अलावा यहां 1.35 टन वजन के गैंडे के सीघों और कुछ अन्य जानवरों की खालों को भी जला दिया गया।

इस घटना के बाद अफ्रीका में वन्यजीव और जानवरों के अवैध शिकार का सच दुनिया के सामने आ गया है।

केन्या सहित अन्य अफ्रीकी देशों की सरकारें वन्य जीवों से जुड़े उत्पादों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए काफी कोशिश कर रही है।


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