इस बौद्ध भिक्षु की मौत महीनों पहले हो गई, अब इनकी मुस्कान देख दुनिया हैरत में है

Updated on 25 Jan, 2018 at 8:08 pm

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कहा जाता है कि मृत्यु दुनिया का एकमात्र सत्य है। मृत्यु हमेशा से ही भयावह और डरा देने वाला रहा है। हालांकि, इसकी अनुभूति कर कोई लौट नहीं सका है। इसलिए यह पता नहीं चल पाता कि जीवन के उस पार आखिर है क्या। मृत्यु एक रहस्य ही है। लगता नहीं कि निकट भविष्य में इसे सुलझाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने भी अपने हाथ खड़े कर रखे हैं। ऐसे में एक बौद्ध भिक्षु की मृत्यु के बाद की तस्वीर दुनिया भर सुर्खियां बटोर रही है।

यह है थाईलैंड के एक बौद्ध भिक्षु लुआंग फोर पियान का शव!

इस बौद्ध भिक्षु के शव को जब एक रस्म के लिए कब्र से निकला गया, तो लोगों की आंखें फटी रह गईं। शव को मृत्यु के 2 महीने बाद निकला गया था, लेकिन शरीर पर कोई ख़ास अंतर नहीं आया था। लुआंग के चेहरे पर ऐसी मुस्कान थी, मानो वह अभी बोल उठेंगे।

पिछले साल 16 नवंबर को 92 साल के उम्र में बौद्ध भिक्षु लुआंग की मृत्यु हुई थी। इसके बाद उन्हें उसी मंदिर में दफनाया गया था, जहां वे सेवारत थे। ठीक दो महीने बाद शव को एक ख़ास किस्म के रस्म के लिए बाहर निकला गया तो लोग आश्चर्य में पड़ गए।

विशेषज्ञों का कहना हैः


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“भिक्षु के शव को देखकर विश्वास करना कठिन है कि 2 महीने बाद भी उनका शरीर वैसा ही है। हालत जरूर कुछ बिगड़ी है, लेकिन यूं लग रहा है कि इनकी मृत्यु सिर्फ 36 घंटे पहले हुई हो।”

वहीं, भक्तों का कहना है कि उन्हें मोक्ष मिली है और वे चिर शांति की अवस्था को प्राप्त हो गए हैं। इसीलिए उनके चेहरे पर हंसी है। उनके शव के साथ विशेष परम्परा का निर्वहन होगा। शव को साफ़ करके नए कपड़े पहनाकर प्रार्थनाओं का दौर चलेगा। ऐसा मृत्यु के 100वें दिन तक चलेगा।

100वें दिन फाइनल रेस्टिंग सेरेमनी आयोजित होंगी और उन्हें हमेशा के लिए दफना दिया जाएगा।

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