यहां स्कूल जाने के लिए बच्चों को बनना पड़ता है खतरों के खिलाड़ी, हर बाधा पार कर रोज करते हैं पढ़ाई

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Updated on 11 Jan, 2017 at 1:38 pm

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मध्य नेपाल के बेनीघाट जिले में स्कूल जाने के लिए बच्चों को खतरों का खिलाड़ी बनना पड़ता है। यूं कह लीजिए कि यहां के स्कूली बच्चों के लिए स्कूल जाना जंग के मैदान में जाने के बराबर है। या इससे भी कहीं अधिक खतरनाक।


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जी हां, यहां के धाइंग गांव में एक ऐसा स्कूल है, जहां पढ़ने जाने वाले बच्चों को एक बेहद असुरक्षित केबल ब्रिज के माध्यम से नदी को पार करना होता है। सिर्फ स्कूल ही नहीं, तमाम लोगों को वक्त-वेवक्त इस केबल के जरिए ही नदी पार करना होता है। जहां तक बच्चों की बात है तो यह काम उनके लिए खासा मुश्किल भरा होता है। यह केबल ब्रिज त्रिशूली नदी पर बना हुआ है।

एडवेन्चर के शौकीन लोगों के लिए नेपाल एक खूबसूरत स्थान हो सकता है। लेकिन स्थानीय लोगों की मजबूरी है यह एडवेन्चर उनकी नियति बन गया है।

वर्ष 2010 में एक केबल के टूटने की वजह से करीब 5 लोग नदी में गिर गए थे और डूबने से उनकी मौत हो गई। उस घटना के बाद से नदी के ऊपर लगे कुछ ऊंचे तारों को हाल ही में सही कराया गया है। इनको पिलर्स की मदद से मजबूती दी गई है।

इस घटना के बाद एक जांच कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने बच्‍चों के लिए केबल से नदी को पार करने को साफतौर पर खतरा करार दिया था। इसके बाद ही नेपाल के प्रधानमंत्री ने इन खतरनाक केबल्‍स को हटाकर करीब 366 पुलों के निर्माण वाले दो वर्षीय प्‍लान की घोषणा की है। इनपर काम लगभग-लगभग शुरू भी हो चुका है।

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