दलाई लामा ने भारत को बताया ‘गुरू’, कहा- ‘मैं इस देश का सपूत हूं’

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Updated on 24 May, 2017 at 4:29 pm

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तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने भारत को अपना गुरु बताया। स्वयं को प्राचीन भारतीय ज्ञान और मूल्यों का दूत बताते हुए दलाई लामा ने कहा कि “भारत गुरु है और बाकी सब उसके चेले हैं। हम विश्वसनीय चेले हैं क्योंकि हमने भारत के प्राचीन ज्ञान को सहेज रखा है।”

दलाई लामा ने बेंगलुरु में ‘सामाजिक न्याय और डॉ बीआर अंबेडकर’ विषय पर एक सेमिनार को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा-

“मैं खुद को भारत का सपूत मानता हूं क्योंकि मेरे मस्तिष्क की हर कोशिका प्राचीन भारतीय ज्ञान से भरी हुई है और मेरा शरीर भारतीय दाल और चावल से चलता है।”

दलाई लामा ने भारत के प्राचीन मूल्यों और ज्ञान को नया रूप दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये प्राचीन नहीं है, बल्कि सर्वाधिक प्रासंगिक हैं। इन्हें लोगों को जानने और अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान व मूल्यों को मिलाया जाए तो ये देश को प्रगति की ओर ले जाएगा।


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