शरीऱ पर झेली 5 गोलियां, फिर भी माओवादियों से लोहा लेते रहे शेर मोहम्मद

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Updated on 25 Apr, 2017 at 2:29 pm

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सीआरपीएफ के जवान शेर मोहम्मद को पांच गोलियां लगी थी, इसके बावजूद वह माओवादियों से लोहा लेते रहे थे। घायल होने के बावजूद शेर मोहम्मद ने न केवल माओवादियों का मुकाबला किया, बल्कि कई को मार गिराया। साथ ही कई साथ जवानों की जान भी बचाई। शेर मोहम्मद सीआरपीएफ की उस टुकड़ी में बतौर कॉन्सटेबल तैनात थे, जिसपर माओवादियों ने सुकमा में हमला किया था।

बुलंदशहर के रहने वाले शेर मोहम्मद का इलाज रायपुर के अस्पताल में चल रहा है।

शेर मोहम्मद पिछले चार साल से छत्तीसगढ़ में तैनात हैं और कई बार माओवादियों से लोहा ले चुके हैं।

शेर मोहम्मद ने कहाः

“मैंने खुद दो-तीन नक्सलियों को सीने में गोली मारी। हमारे जो जवान घायल हुए, उनको कंधे पर उठाकर मोबाइल बंकर में डाला। फिर उनको सीधा बेस हॉस्पिटल लेकर आया। वहां से हमें सीधा हेलिकॉप्टर से यहां लेकर आया गया। मुझे भी कमर और घुटने में चोट लगी है।”

शेर मोहम्मद के गांववाले उनके और बाकी जवानों के ठीक होने की दुआएं कर रहे हैं।


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बुलंदशहर में शेर की मां फरीदा दुआ कर रही हैं कि वह जल्द सी स्वस्थ होकर उनके पास आएं। पिछले सोमवार को 300 से अधिक माओवादियों ने सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर फायरिंग करनी शुरू कर दी थी। जवानों ने जवाब दिया और कई माओवादी मारे गए।

इस हमले में 25 से अधिक जवान शहीद हो गए थे।

इस बीच, हमले में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर मंगलवार को सुरक्षाबलों के कैंप पर लाया गया। यहां जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

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