बीमार आदिवासी महिला को कंधों पर लेकर अस्पताल पहुंचे CRPF के जवान

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Updated on 6 Sep, 2017 at 5:58 pm

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छत्तीसगढ़ नक्सली गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र है। राज्य के जंगलों में तैनात CRPF के जवानों पर अक्सर हमले होते हैं। इस दौरान नक्सल आतंकवाद से लड़ते हुए कई बहादुर जवान वीरगति को भी प्राप्त हुए हैं। देश की सुरक्षा को खतरा हो, प्राकृतिक आपदा हो या संकट में फंसे लोगों की सहायता करना, CRPF के जवान अपने नैतिक कर्त्तव्य को दृढ़ता से निभाते हैं।

इस बार इन जवानों ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है। CRPF के जवानों ने बीमार आदिवासी महिला की जान बचाने के लिए स्ट्रेचर लेकर सात किलोमीटर का सफर पैदल तय किया।

दरअसल, जब जवान नक्सिलयों के खिलाफ एक ऑपरेशन से लौट रहे थे, तब उन्होंने नयनार गांव के पास सड़क के किनारे एक महिला को देखा, जो तेज बुखार से तड़प रही थी।

कोसी नाम की यह महिला लगभग बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। महिला के घर पर कोई मौजूद नहीं था। बस दो महीने की बच्ची थी, जो महिला के पास रो रही थी।


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जवानों ने महिला को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने के बारे में सोचा, लेकिन उस दौरान मौसम ठीक नहीं था। इलाके की सड़कों को नक्सलियों ने क्षतिग्रस्त कर रखा है। किसी ऐम्बुलेंस को बुलाना भी तत्काल मुश्किल था।

ऐसे में जवानों ने ज्यादा देरी न करते हुए लकड़ी का स्ट्रेचर बनाया। फिर महिला को उसपर लिटाकर और बच्चे को अपनी गोद में लेकर पहाड़ी और नदी पार करते हुए सात किलोमीटर दूर गाटम गांव तक का सफर तय किया।

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यहां से महिला को एंबुलेंस की मदद से कटेकल्याण स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया। महिला और उसके बच्चे को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और उनकी सेहत में सुधार है।

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