अब CRPF जवान का छलका दर्द, कहा- देश में हर मुश्किल वक्त में आगे रहते हैं हम, तो क्यों है भेदभाव

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Updated on 12 Jan, 2017 at 8:15 pm

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सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान के बाद अब सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के एक जवान जीत सिंह ने देश की सुरक्षा में लगे जवानों से हो रहे भेदभाव को विडियो के माध्यम सामने रखा है।

जीत सिंह ने सोशल मीडिया पर विडियो के माध्यम से अपना दर्द बयां किया है। जीत सिंह ने सेना व CRPF के बीच सुविधाओं के बड़े अंतर पर सवाल खड़े करते हुए प्रधानमंत्री से इसे समाप्त करने की गुहार लगाई है। ये विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

इस विडियो में जवान ने प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी वो सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए जो सेना के जवानों को मिलती हैं। जवान जीत सिंह का दर्द है कि जब इनके भी जवान सरहद पर गोली खाते हैं, देश के भीतर आंतकवादियों और माओवादियों से लड़ते हैं तो फिर सुविधाओं के मामले में उनके साथ भेदभाव क्यों किया जाता है।


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विषम परिस्‍थितयों में ड्यूटी करने वाले CRPF और अन्य अर्धसैनिक बलों के जवानों को लेकर जीत कहते हैं कि लोकसभा चुनावों से लेकर ग्राम पंचायत के चुनाव में सीआरपीएफ को तैनात किया जाता है। जीत सिंह ने कहा कि कश्‍मीर से लेकर छत्‍तीसढ़ के जंगलों, वीवीआईपी-वीआईपी सिक्‍योरिटी, एयरपोर्ट, मंदिर-मस्‍जिद और बाजारों में भी सीआरपीएफ के जवान अपनी सेवा देते हैं। इसके बाद भी उन्‍हें वे सुविधाएं नहीं मिल पातीं, जो सेना को मिलती हैं।

एक किसान परिवार से आने वाले जीत सिंह CRPF में 20 मार्च, 2012 में मणिपुर से भर्ती हुए थे। केरल से ट्रेनिंग लेने के बाद उनकी पहली तैनाती मणिपुर के झीरीवंब नामक शहर में हुई। वर्तमान में वह माउंट आबू पर तैनात हैं।



इस पूरे मामले पर CRPF ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि उच्च अधिकारी जवान का बयान दर्ज कर रहे हैं। ये वीडियो 16 अक्टूबर, 2016 का बताया जा रहा है।

इससे पहले तेज बहादुर नाम के एक जवान ने एक विडियो के जरिए BSF में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बेस कैंप में जवानों को खराब खाना दिया जाता है। इसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

यहां देखिए विडियो:


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