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वर्ल्ड कप फाइनल में धमाका करने वाली पूनम राउत के पिता हैं ड्राइवर, मां सिलती हैं कपड़े

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9:27 pm 26 Jul, 2017

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टीम इंडिया भले ही महिला वर्ल्ड कप 2017 का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई, लेकिन इस टूर्नामेंट में जो भारतीय लड़कियों ने प्रदर्शन दिखाया, वह काबिलेतारीफ है।

फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और टीम इंडिया को 229 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछे करने उतरी भारतीय टीम की ओर से पूनम राउत ने चार चौके और एक छक्के की मदद से 86 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सकी। भारतीय टीम 48.4 ओवर में 219 रन पर सिमट गई।

भारतीय टीम मैच तो नहीं जीत पाई लेकिन टीम इंडिया की इस खिलाड़ी ने अपनी झुझारू पारी से देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। क्रिकेट फैंस ने सोशल मीडिया के जरिए पूनम की जमकर तारीफ की और उनको उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी।


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पूनम के माता-पिता अपनी बेटी के इस प्रदर्शन और उसकी  कामयाबी पर बेहद खुश हैं। पूनम के पिता गणेश राउत बताते हैं कि पूनम को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक रहा है।

पूनम मोहल्ले के लड़कों के साथ क्रिकेट खेला करती थी, क्योंकि लड़कियां नहीं होती थीं। यहीं से उसने क्रिकेट खेलने की शुरुआत की। पूनम के पिता गणेश राउत बताते हैंः

 “मेरी और पूनम की कहानी दंगल फिल्म से कम नहीं है। बचपन से ही पूनम को खेलने का शौक था। जब वो एक बार बचपन में गली क्रिकेट खेल रही थी, तो उसकी बैटिंग को देख कर ऐसा लगा कि उसमें क्रिकेट खेलने की ललक है, तो फिर हमने उसे विधिवत क्रिकेट खेलने भेजा। मैं भी अपने समय में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलता था। जब भी पूनम को खेलता देखता हूं तो लगता है कि वो मेरे सपने को साकार कर रही है। वो खुद भी मुझे ये ही कहती है कि देखो पापा अब मैं आपके क्रिकेट को आगे ले कर जा रही हूं।”

बोरीवली वेस्ट की एक इमारत के पहली मंजिल पर रहने वाली पूनम साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता गणेश राउत 31 सालों से बतौर ड्राइवर काम कर रहे हैं। वहीं, मां गीता सिलाई-कढ़ाई का काम करती हैं।

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पूनम राउत के माता-पिता bbci

पूनम आज जिस मुकाम पर हैं, इसके पीछे उनकी लगन के साथ ही, उनके माता-पिता का साथ और भरोसा भी है। कभी पुनम को क्रिकेट अकादमी भेजने के लिए 10 हजार रुपये उधार लेने वाले उनके पिता का सिर आज फख्र से ऊंचा है।

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