अगर आप क्रिकेट को अब भी भद्रजनों का खेल मानते हैं तो गलत हैं!

Updated on 26 Mar, 2018 at 2:02 pm

Advertisement

क्रिकेट को भद्रजनों का खेल कहा जाता रहा है। खेल विशेषज्ञ मानते हैं कि अन्य खेलों की तुलना में क्रिकेट में अब भी भलमनसाहत बची हुई है। हालांकि, विश्व क्रिकेट में पिछले एक दशक में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे इस लोकप्रिय खेल की छवि को झटका लगा है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में ऐसी अविश्वसनीय घटना हुई है, जिससे इस खेल पर एक बड़ा सा दाग लगा है।

इन दोनों देशों के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कैमरन बैनक्रॉफ़्ट पर गेन्द से छेड़छाड़ का आरोप लगा है।

 

 

बैनक्रॉफ्ट ऑस्ट्रेलिया के ओपनर बल्बेबाज हैं। फील्डिंग करने के दौरान बैनक्रॉफ्ट अपने अंडरवियर में पीले रंग की कोई चीज़ छुपाते हुए दिखे। यह वाकया कैमरे में कैद हो गया।

खिलाड़ियों द्वारा गेंद की चमक को बरकरार रखने के लिए अपनी पैंट पर रगड़ना या रुमाल से घिसना आम बात है। हालांकि, कई बार खिलाड़ी इससे इतर गेंद को खुरचने की कोशिश करते हैं ताकि रिवर्स स्विंग में मदद मिल सके। यह क्रिकेट के कोड ऑफ कन्डक्ट के खिलाफ है। कैमरन बैनक्रॉफ़्ट की चर्चा इसी वजह हो रही है।

हालांकि, खास बात यह है कि इस घटनाक्रम में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम शामिल है। यह टीम की सोची समझी रणनीतिक साजिश थी। इसमें कोच डेरेन लेहमन भी शामिल बताए जाते हैं। इस तस्वीर में लेहमन दूरबीन से मैदान पर नजर रखते हुए दिख रहे हैं।

 

 



टीवी कैमरे में इस प्रकरण के पकड़ में आने से बवाल मच गया। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने पर संवाददाता सम्मेलन में बैनक्रॉफ्ट ने यह कुबूल कर लिया कि उन्होंने गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश की थी।

 

 

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ ने कहा कि तीसरे दिन जो भी हुआ, उसके लिए उन्हें दुःख है और वो ये सुनिश्चित करेंगे कि उनकी कप्तानी में ऐसा दोबारा न हो।

हालांकि, सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि बैनक्रॉफ्ट के जेब में टेप ले जाने के बारे में टीम के लोग जानते थे। टीम को ऐसा लगता था कि इस तरह से दक्षिण अफ्रीका पर बढ़त हासिल किया जा सकता है।

 

 

पहले बांग्लादेश की टीम द्वारा श्रीलंका के प्रेमदासा स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में तोड़फोड़ और अब ऑस्ट्रेलियाई टीम का गेन्द से छेड़छाड़ के घटनाक्रम में शामिल होने से यह साफ हो गया है कि क्रिकेट में न सिर्फ अनैतिकता का बोलबाला हो रहा है, बल्कि अराजकता भी फैल रही है।

अब देखना यह है कि इस संबंध में आईसीसी किस तरह का रवैया अपनाता है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement