भाजपा से डरे मार्क्सवादी अब करेंगे ‘शीर्षासन’, केरल में होगा योग सत्र का आयोजन

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Updated on 17 Jun, 2016 at 2:38 pm

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आपको शायद याद होगा, वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता सीताराम येचुरी ने योग आसनों को कुत्तों के जैसी हरकत बताया था। इस मामले पर देशभर में मचे बवाल के बीच, येचुरी ने सफाई दी थी।

आश्चर्य की बात यह है कि अब केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी प्रदेश भर में योग सत्र का आयोजन करने जा रही है।

इसका आयोजन अगले 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर पिछले साल संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग घोषित करने का निर्णय लिया था।

गौरतलब है कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक विशेष कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास कर देश की अगुवाई करेंगे।

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यही वजह है कि इस दिन केरल की मार्क्सवादी सरकार पीछे नहीं रहना चाहती है। पूरे प्रदेश में योग सत्र का आयोजन कर राज्य सरकार भाजपा को एक तरह से चुनौती पेश करना चाहती है।

पिछले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी बढ़त साबित की थी। यही नहीं, भाजपा को एक विधानसभा सीट पर विजय भी हासिल हुई है। माकपा के घटते जनाधार और भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता ने मार्क्सवादी नेताओं को अपनी रणनीति बदलने पर विवश कर दिया है।

ईश्वर में आस्था न रखने वाले और धर्म को अफीम की संज्ञा देंने वाले मार्क्सवादियों ने पिछले दिनों केरल में श्रीकृष्ण जयन्ती और गणेशोत्सव का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। यही नहीं, पार्टी कैडरों ने भगवान अयप्पा के श्रद्धालुओं के लिए पिछले दिनों विशेष व्यवस्था की थी।

पिछले साल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीताराम येचुरी ने नरेन्द्र मोदी की सरकार पर आरोप लगाया था कि योग के जरिए मोदी और उनकी टीम पूरे देश को भगवा रंग में रंगने को जुटी है।

सरकार पूरे देश में हिंदूत्व की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं, जो सही बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यह देश विभिन्नताओं का देश है और पूरे देश में सारे धर्मों का समान अधिकार है, लेकिन कुछ लोग यहां हिंदूवादी परंपरा को बढ़ाने में जुटे हैं।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, इसी क्रम में येचुरी ने कहा थाः

“आज सभी योग में आप लोग कुत्तों की हरकत देख सकते हैं, जब कुत्ता उठता है तो शरीर के अगले हिस्से को खींचता है और फिर पैर को आगे बढ़ाता है और इसके बाद वो गहरी सांस लेता है।”

हिन्दुस्तान टाइम्स की इस रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में मार्क्सवादी सरकार योग सहित पारंपरिक भारतीय चीजों को अपनाने पर जोर दे रही है। पिछले दिनों उत्तर केरल के कन्नूर जिले में स्थित पेरावुर में पार्टी के तत्वावधान में चल रहे भारतीय मार्शल आर्ट एकेडमी में सेकुलर योग सत्र का आयोजन किया गया था।

इसमें 30 ऐसे आसनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें न तो ओम् का उच्चारण होता है और न ही मंत्र पढ़ना पड़ता है। इसके अलावा सेकुलर योग में सूर्य नमस्कार को भी कोई जगह नहीं दी गई है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पेरावुर के इस एकेडमी में पहले तो कक्षाएं मुफ्त थीं, लेकिन अब महीने में 8 सत्र की कक्षाओं के लिए 500 रुपए की लेवी रखी गई है।


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