आतंकी गतिविधियों में लिप्त PFI के कार्यक्रम में पहुंचे हामिद अंसारी, मचा बवाल

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Updated on 25 Sep, 2017 at 5:01 pm

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पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यक्रम में भाग लेने पर विवाद गरमा गया है।

दरअसल, हामिद अंसारी जिस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, उसका आयोजन कट्टरपंथी और विवादित संगठन PFI की महिला विंग ने किया था। आपको बता दे कि PFI आतंकवादी संगठनों के साथ कथित संबंधों को लेकर जांच के घेरे में है। PFI पर युवाओं को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में भर्ती करने के आरोप लगते रहे हैं। यही कारण है कि यह संगठन राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रडार पर भी है।

ऐसे में हामिद अंसारी लोगों के निशाने पर आ गए हैं और विवादित संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उनकी आलोचना की जा रही है।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। VHP के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र कुमार जैन ने हामिद अंसारी को जिहादियों का पक्षधर बताते हुए कहा कि PFI के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अंसारी पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। वह अपना असली रंग दिखा रहे हैं। जैन ने आरोप लगाया कि PFI प्रतिबंधित संगठन सिमी का एक नया और विस्तृत रूप है, जो धर्मांतरण, आतंकवादी गतिविधियों और केरल में ‘देशभक्तों’ की हत्या में लिप्त है। जैन यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी उप राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी देश में अपने भाषणों से सांप्रदायिक असंतोष पैदा कर रहे थे। जैन ने अंसारी पर अप्रत्यक्ष रूप से आतंकियों के एजेंडे को लागू करने और जेहादी संगठनों के संरक्षक के रूप में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिहादियों के साथ उनके संबंधों की जांच की जानी चाहिए।

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गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा भी गया है कि PFI आतंकवादी शिविर संचालित करने, बम बनाने जैसी कई आतंकवादी कृत्यों में लिप्त रहा है।

PFI एक इस्लामवादी संगठन है, जो मुख्य रूप से भारत के दक्षिणी राज्यों में संचालित है। PFI अपने कट्टरपंथी और हिंसक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में इस संगठन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हामिद अंसारी की मौजूदगी पर लोगों ने निशाना साधा है।

PFI के अपराधों की सूची।


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1. जुलाई 2010 में PFI के 13 कार्यकर्ताओं ने इस्लाम के खिलाफ कुछ कहने के आरोप में केरल में एक प्रोफेसर के हाथ काट दिए थे।

2. मार्च 2016 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नाराथ प्रशिक्षण शिविर मामले के संबंध में के वी अब्दुल जलील नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जलील पर अप्रैल 2013 में 21 लोगों को इकट्ठा करने और उन्हें बम बनाने में प्रशिक्षण देने का आरोप लगा था। इन 21 लोगों में से कई PFI के सदस्य थे।

3.  अगस्त 2017 में कर्नाटक पुलिस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यकर्ता शरत माड़ीवाला की हत्या के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी पांच आरोपी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से PFI से जुड़े थे।

4. 2016 में ही रुद्रेश नाम के एक शख्स की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने बेंगलुरू के PFI हेड को हिरासत में लिया था।

हालांकि, PFI इन आरोपों से इंकार करता रहा है और खुद को पिछड़े और अल्पसंख्यकों का हितैषी बताता रहा है।

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