Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

इस यूनिवर्सिटी में छात्रों को बर्थडे गिफ़्ट में कॉन्डम और सैनिटरी पैड दिया जाता है

Published on 14 November, 2018 at 7:18 pm By

किसे गिफ़्ट पसंद नहीं, बर्थडे पर तो लोगों को गिफ़्ट मिलने का इंतज़ार रहता है। स्कूल-कॉलेज में दोस्त आपको सरप्राइज़ पार्टी देते हैं फिर ट्रीट होती है और बहुत कुछ। लेकिन नागपुर में एक ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां बर्थडे पर छात्रों को कॉन्डम सैनिटरी नैपकिन गिफ़्ट किया जाता है।नागपुर यूनिवर्सिटी के अमरावती रोड कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों ने एक नया ट्रेंड शुरू किया है। छात्र किसी भी सहपाठी का जन्मदिन होने पर उसे सैनिटरी नैपकिन और कॉन्डम गिफ़्ट करते हैं।

इस गिफ़्ट की खास बात यह भी है छात्र इस गिफ्ट की कोई पैकिंग नहीं करते हैं। उनके इस पैक में तीन कॉन्डम के पाउच और एक सैनिटरी नैपकिन का पैक होता है। लड़की का जन्मदिन हो या लड़के का इस ग्रुप के स्टूडेंट्स दोनों को यही गिफ़्ट देते हैं।

 

 

स्टूडेंट्स के इस ग्रुप में इंदु धोमने, प्रिया कोम्बे, समर्थ तबहाने, शबीना शेख और विकेश तिमंडे हैं। ये सभी ग्रेजुएशन थर्ड इयर के पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट्स हैं। ऐसा करने के पीछे इनका मकसद स्टडी कर रहे स्टूडेंट्स को शुरू से ही एड्स और पीरियड के दिनों में सफ़ाई को लेकर जागरूक करना है। इसके पीछे का कारण ये भी है यहां ज़्यादातर आदिवासी इलाके से छात्र पढ़ने आते हैं जहां लोगों में जागरुकता की कमी है।


Advertisement

 

जिन चीज़ों को लोगों को खुलेआम खरदीने में शर्म आती है, उन्हें यहां खुलेआम गिफ़्ट किया जाता है। इन छात्रों का ग्रुप बाकियों को समझाता है ये प्रोडक्ट्स भी शैंपू, साबुन और दूसरे प्रॉडक्ट की तरह ही हैं। इन्हें खरीदने में शर्मिंदगी या हिचकने वाली कोई बात नहीं है।

 

 

मार्च में इन दोस्तों के ग्रुप ने फैसला लिया वे लोग अब जन्मदिन पर कॉन्डम और सैनिटरी नैपकिन देंगे। छात्रों ने बताया ये गिफ़्ट पैक वो लोग सिर्फ़ स्टूडेंट्स को ही नहीं, बल्कि अपने प्रोफ़ेसर्स को भी देते हैं।



 

इनके ग्रुप पर कई लोगों ने उंगलियां भी उठाईं। लोगों ने कहा ये समाज में अश्लीलता फैला रहे हैं। लोगों ने बहुत बुरा-भला कहा, लेकिन एक आदिवासी लड़की को जब सैनिटरी नैपकिन मिला तो उसने इस ग्रुप की तारीफ़ की। अब कई लोग इनके इस कदम की तारीफ़ कर रहे हैं और इन्हें सपोर्ट भी कर रहे हैं।

 

 

इस ग्रुप के स्टूडेंट्स का कहना है ये मानना बेवकूफ़ी ही है पीजी स्तर के स्टूडेंट्स यौन गतिविधियों में शामिल नहीं होते हैं। हम शादी से पहले सेक्स करने को नहीं कह रहे, लेकिन यह तथ्य भी सही है युवा 16 से 17 साल की उम्र तक आते-आते यौन गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। हम लोग इसे नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें कॉन्डम को लेकर जागरुक कर सकते हैं ताकि उनमें कोई गंभीर बीमारी न हो।


Advertisement last rev

वहीं सैनिटरी नैपकिन को लेकर इन्होने कहा इसे महिलाओं के सीक्रेट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ये लड़कों को भी सैनिटरी नैपकिन देते हैं ताकि उन्हें उनकी बहनों, मां और फीमेल दोस्तों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए।

Advertisement

नई कहानियां

कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय मीडिया ने दिया पाकिस्तान का साथ?

कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय मीडिया ने दिया पाकिस्तान का साथ?


फ़ेसबुक पर पाकिस्तानी नागरिकों ने की पुलवामा हमले की निंदा, शुरु हुआ #AntiHateChallenge

फ़ेसबुक पर पाकिस्तानी नागरिकों ने की पुलवामा हमले की निंदा, शुरु हुआ #AntiHateChallenge


Swiggy की इस करनी पर लोग पूछ रहे हैं, क्या अब रॉकेट से डिलीवर कर रहे हो खाना?

Swiggy की इस करनी पर लोग पूछ रहे हैं, क्या अब रॉकेट से डिलीवर कर रहे हो खाना?


पुलवामा हमले पर गुस्साए भारतीय हैकर्स ने पाकिस्तान से इस तरह लिया बदला

पुलवामा हमले पर गुस्साए भारतीय हैकर्स ने पाकिस्तान से इस तरह लिया बदला


ये एक शहीद की पत्नी का हौसला ही है, बोली- नहीं चाहिए सहानुभूति, मेरा पति पूरे देश का हीरो है

ये एक शहीद की पत्नी का हौसला ही है, बोली- नहीं चाहिए सहानुभूति, मेरा पति पूरे देश का हीरो है


ज़्यादा खोजी गई

और पढ़ें News

नेट पर पॉप्युलर