सेहत से जुड़े ये 13 तथ्य जिन्हें आप सच मानते हैं, पर ये सही नहीं है

Updated on 19 May, 2018 at 11:42 am

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हम अक्सर सुनी सुनाई बातों पर यकीन कर लेते हैं और ये बातें बाकी चीज़ों के अलावा सेहत से भी जुड़ी होती हैं। हमने किसी से सुना और वही बात आगे किसी और से कह दी। इस तरह गलत जानकारी एक से दूसरे तक फैलती रहती हैं और हम गलतफहमियों को ही सच मानने लगते हैं, क्योंकि उसके बारे में बहुत लोगों के मुंह से सुना जो होता है।

1. पीरियड के समय महिलाएं प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं

 

ऐसा कहा जाता है कि पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने से गर्भधारण नहीं होता, जबकि ये सच नहीं है। महिलाओं के शरीर में स्पर्म एक हफ्ते तक रहते हैं और ओवल्यूशन जल्दी ही हो सकता है। ऐसे में पीरियड्स के दौरान या पीरियड खत्म होते ही संबंध बनाने से महिला के प्रेग्नेंट होने की संभावना रहती है।

 


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2. प्रेग्नेंसी 9 महीने तक रहती

 

हर किसी के मुंह से आपने यही सुना होगा कि प्रेग्नेंसी 9 महीने की होती है, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक ये 9 महीने 15 दिन की होती है। यानी 40 हफ्ते की। डॉक्टर महिलाओं के आखिरी पीरियड के पहले दिन से गिनती करते हैं, जबकि असल में महिलाएं पीरियड शुरू होने के 10-16 दिन के बाद प्रजनन के लिए तैयार होती हैं। इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं के मुताबिक हेल्दी प्रेग्नेंसी के समय में एक-महिला से दूसरी में 5 हफ्ते तक का अंतर हो सकता है।

 

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3. सर्दी का मौसम बीमार कर देता है

 

ये भी लोगों का एक भ्रम है कि ठंडी के मौसम में वो ज़्यादा बीमार होता है, तापमान अपने आप शरीर को वायरस के लिए अधिक संवेदनशील नहीं बनाता। आपके बीमार होने का कारण मौसम नहीं, बल्कि कमज़ोर इम्यून सिस्टम है।

 

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4. अंधेरे में पढ़ने या नज़दीक से टीवी देखने से आंखें खराब होती है

 

यह सच है कि कम रोशनी में पढ़ने या नज़दीक से टीवी देखने पर आंखों पर ज़ोर पड़ता है, लेकिन इस बात के पक्के सबूत नहीं है कि इससे लंबे समय में आखों को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है।

 

5. सप्लीमेंट्स आपको हेल्दी बनाते हैं

 

अध्ययन से ये बात साबित हुई है कि विटामिन सप्लीमेंट्स न सिर्फ बेकार हैं, बल्कि खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, बहुत ज्यादा विटामिन लेने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

 

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6. दिन में कम से कम 8 ग्लास पानी पीना चाहिए

 

8 ग्लास पानी वाली बात 1945 में तब कही गई जब नेशनल रिसर्च काउंसिल के फूड एंड न्यूट्रीशन बोर्ड ने कहा कि हर व्यस्क को एक दिन में कम से कम 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए। हालांकि सच्चाई ये है कि 2.5 लीटर पानी हमारे शरीर में खाने के ज़रिए पहुंच जाता है।

 

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7. अल्सर का कारण मसालेदार भोजन और तनाव है

 

पहले डॉक्टरों को लगता था कि अल्सर तनाव लेने, गलत जीवनशैली और मसालेदार खाने से होता है, हालांकि अब उन्हें पता है कि अधिकांश अल्सर हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया के कारण होते हैं।

 



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8. प्रोबायोटिक लेने से सर्दी नहीं होती

 

ये सच नहीं है प्रोबायोटिक लेने से सर्दी से पूरी तरह बचाव नहीं होता, बल्कि ये उसकी गंभीरता  को कम करता है और उसे जल्दी ठीक होने में मदद करता है।

 

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9. हम मस्तिष्क का सिर्फ 10 प्रतिशत इस्तेमाल करते हैं

 

इस बात में सच्चाई नहीं है, ये तो सिर्फ़ मोटीवेशनल गुरुओं द्वारा लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए बोला जाता है, ताकि वो अपने अंदर की क्षमता को पहचान सकें।

 

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10. चॉकलेट और तले हुए काने से मुहांसे होते हैं

 

मुहांसों का कारण तनाव और अनुवांशिकता हो सकती है, चॉकलेट और फ्रायड फूड से मुंहासे नहीं होते।

 

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11. पीठ दर्द होने पर बेड रेस्ट करना चाहिए

 

ये लोगों की सिर्फ गलतफहमी है, बेड रेस्ट करने से कमर के नीचले हिस्से का दर्द जल्दी ठीक नहीं हो पाता है। आपको अपने रोज़मर्रा के सामान्य काम करते रहने चाहिए, सक्रिय रहने से पीठ दर्द की समस्या होने की संभावना कम रहती है।

 

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12. नाखून और बाल मरने के बाद भी बढ़ते हैं

 

ये बस लोगों का भ्रम है। दरअसल, मरने के बाद त्वचा सिकुड़ जाती है जिससे नाखून लंबे दिखने लगते हैं और बाल भी ज़्यादा नज़र आते हैं।

 

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13. च्यूइंगम पेट में 7 साल तक रहता है

 

च्यूइंग में कई ऐसी चीज़ें होती है जो पचती नहीं है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो 7 साल तक पेट में रहता है, ये सिर्फ एक गलतफहमी है।

 

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