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इस IAS अफसर ने अपनी 5 साल की बेटी का सरकारी स्कूल में कराया दाखिला

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10:08 am 22 Jul, 2017

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सरकारी स्कूलों की छवि हमारे देश में कैसी है, ये किसी से छुपी नहीं है। स्कूलों की दशा और शैक्षिक व्यवस्था सुधरने की दिशा में कार्य भी किए जा रहे हैं, लेकिन अब भी अभिभावक अपने बच्चों के लिए महंगे निजी स्कूल तलाशते हैं। मंत्री, नेता खुद अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के बजाय, प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं।

ऐसे में लोगों की सोच बदलने की दिशा में कदम उठाते हुए बलरामपुर जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपनी बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया है।

अवनीश कुमार ने अपनी बेटी को शुरुआती शिक्षा आंगनबाड़ी में दिलाई। उसके बाद उसकी आगे की पढ़ाई सरकारी स्कूल में कराने का फैसला लिया।

उन्होंने लोगों को सरकारी स्कूलों की शिक्षा से जोड़ने के मकसद से इसकी शुरुआत अपने से ही की। कलेक्टर ने अपनी पांच साल की बेटी वेदिका शरण का दाखिला जिला मुख्यालय के प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा में कराया है।


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बताया जा रहा है कि जिले में इस नए खुले प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में हाइटेक तरीके से बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था है। कमरों में एलईडी मॉनीटर भी लगे हैं। शिक्षक भी हाइटेक पढ़ाई के लिए प्रशिक्षित हैं। जिले के छह और ब्लॉक में ऐसे ही स्कूल खोले जाने की प्रदेश सरकार की योजना है।

आज जब हर कोई अपने बच्चे को महंगे से महंगे स्कूल में पढ़ाने की ख्वाहिश रखे हुए हैं, ऐसे में कलेक्टर अवनीश कुमार शरण का यह फैसला एक मिसाल है। उनका यह निर्णय उन अभिवावकों के लिए एक बड़ा संदेश है, जो सरकारी स्कूल में कमियां निकालते हैं और फिर भारी भरकम रकम चुका कर अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराते हैं।

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