बर्फीले महाद्वीप अंटार्कटिक में आ रही है हरियाली, यह मानव जाति के लिए वाकई डरावना है

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Updated on 20 May, 2017 at 4:39 pm

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ग्लोबल वार्मिंग किस तरह से हमारे पर्यावरण पर असर डाल रहा है, इसका उदाहरण अगर देखना हो तो अंटार्कटिक की बदलती स्थिति को देखा जा सकता है। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि यहां मौजूद बर्फ की मोटी तहों पर बड़ी तेजी से काई और शैवाल उग रही है।

1950 के बाद से इनके उगने की रफ्तार में तेजी आई है। हर साल पिछले साल के मुकाबले, 4 से 5 गुना तक ज्यादा शैवाल यहां उग रहा है। यह घटना जलवायु में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है।

antarctica

यह शोध कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया है।

इस शोध का हिस्सा रहे डॉक्टर मैट ऐम्सब्रे ने बतायाः

“लोग अंटार्कटिक को बतौर एक बर्फीली जगह के तौर पर जानते हैं, लेकिन हमने अपने अध्ययन में पाया कि इसकी कुछ जगहें हरी हैं। धीरे-धीरे बर्फ की सफेदी की जगह हरियाली ले रही है, जो वक्त के साथ बढ़ती जा रही है।”


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आगे उन्होंने कहाः

“हमने अपने शोध में पाया कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण अंटार्कटिक में बहुत ज्यादा बड़े स्तर पर नाटकीय बदलाव आ रहे हैं।”

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शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च के नतीजे को ‘करंट बायॉलजी’ नाम के जर्नल में प्रकाशित किया है। हालांकि, यह रिसर्च बताती है कि इस बर्फीले महाद्वीप के 1 प्रतिशत भाग में ही अभी हरियाली है। लेकिन इस बात को भी नाकारा नहीं जा सकता कि बर्फ पिघलने के बाद पैदा हो रहे शैवाल दुनिया की बदलती तस्वीर की ओर इशारा कर रहे हैं।

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