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संगम तट पर बसा तंबुओं का शहर, माघ मेला की तैयारियां पूरी

Published on 11 January, 2017 at 5:16 pm By

इलाहाबाद को पुराणों में ईश्वर का शहर कहा गया है। यहां प्रत्येक 12वें वर्ष कुम्भ मेला तथा प्रत्येक 6ठे वर्ष अर्ध कुम्भ मेला लगता है। यहां प्रत्येक वर्ष पूरे माघ महीने तक चलने वाला हिन्दूओं का सर्वाधिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला बेहद प्राचीन है। इस अवसर पर यहां देश-विदेश से साधु सन्यासी माघ मेले में दिक्षा ग्रहण करने आते हैं।


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तम्बुओं का शहर।

हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 या 15 जनवरी को मकर संक्राति के दिन से शुरू होकर यह मेला यहां पूरे माघ महीने तक चलता है। इस वर्ष इस मेले का प्रारम्भ 12 जनवरी को पौष पूर्णिमा से प्रारम्भ हो रहा है।

जानिए कल्पवास के बारे में।

माघ मेले मे कल्पवास का अर्थ है पूरे महीने ईश्वर की स्तुति। अपने पारिवारिक जीवन को छोड़कर यहां भजन-कीर्तन करने वाले श्रद्धालु कल्पवास पर होते हैं। यहां शिविर पूजन के साथ ही शिविरों में सन्तों के प्रवचन का सिलसिला पौष पूर्णिमा से शुरू हो जाता है। इस साल माघ मेला संत-महात्मा पौष –पूर्णिमा का स्नान करने हेतु अपने शिविरों में आ गए हैं।

ऐसे होती है मेले की सुरक्षा।



माघ मेले का दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान करने आते हैं। इनकी सुरक्षा हेतु प्रशासन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करती हैं। सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन कैमरे की मदद से सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था होती है। कुम्भ मेला के दौरान तो यहां की सुरक्षा व्यवस्था सैटेलाइट के माध्यम से की जाती है।

जानिए इस साल स्नानार्थियों के लिए व्यवस्था के बारे में।


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इस वर्ष यहां स्नानार्थियों के लिए 17 घाट बनाए गए है। इनकी लम्बाई 8250 फीट है, जबकि पिछली साल घाटों के लिए 7260 फीट जगह ही मिली थी। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को शीत लहर से बचाने के लिए परेड मैरान पर 450 टेंट का रैन बसेरा बनाया गया हैं। साथ ही अलाव के लिए 49 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था है। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 20-20 बेड के दो अस्तपतालों और 10 प्राथमिक उपचार केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। कई साध-सन्त और कल्पवासी ऐलोपैथिक दवा का सेवन नहीं करते हैं। उनकी सुविथा के लिए तीन आयुर्वेदिक एंव तीन होम्योपैथिक चिकित्सालयों की स्थापना की गई है।

ऐसे पहुंचे माघ मेला।

इलाहाबाद शहर सड़क, रेल तथा वायु तीनों मार्गों से जुड़ा हुआ है। यहां से 90 किलोमीटर दूर वाराणसी का बाबतपुर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा भी जुड़ा है। माघ मेला इलाहाबाद के मुख्य रेलवे जंक्शन से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर है, जहां से आप 24 घंटे ऑटो या रिक्शे से पहुंच सकते हैं।


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साभारः Suno

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