260 फीट की ऊंचाई पर स्थित ये मंदिर सैकड़ों वर्ष से महज एक खंभे पर खड़ा है

Updated on 13 Aug, 2018 at 6:27 pm

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मंदिर आस्था के केन्द्र हैं। ईश्वर में अनंत आस्था से इंसान को मजबूती मिलती है। इस दुनिया में जीवन है तो इसकी विसंगतियां भी हैं और ये कहीं न कहीं लोगों को तोड़ देता है। इन्हीं परिस्थितियों में इंसान को एक आस्था बचाए रखती है। ईश्वर इसी आस्था का प्रतीक है। धरती पर ऐसे कई स्थान हैं, जहां ईश्वरीय मौजूदगी की गवाही मिलती है। कई दफे चमत्कार को लोग कबूल लेते हैं तो कई दफे भयभीत भी हो जाते हैं।

 

 

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ऐसा ही एक चमत्कार चीन के दक्षिण-पश्चिम पहाड़ी हिस्से में देखने को मिलता है!

 

 

ऊपर जो तस्वीर दिख रही है, वो एक मंदिर की है।

 



यह सैकड़ों वर्षों से लोगों में अटूट विश्वास जगाए है। इसकी बनावट इसे अन्य मंदिरों से अलग करती है तो इसकी मान्यताएं लोगों को यहां खींच लाती है। ज्यादातर निःसंतान लोग यहां दर्शन व पूजन को आते हैं। बता दें कि इसका नाम गान्लू मंदिर है जो अपनी बनावट के कारण भी चर्चित है।

 

 

साल 1146 में बना यह मंदिर महज एक खंभे पर टिका हुआ है। पहाड़ी हिस्से में ये 260 फीट की ऊंचाई पर अवस्थित है। भगवान् बुद्ध के इस मंदिर में दंपतियों को संतान की कामना से आराधना करते देखा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है।

 

 

बताते चलें कि एकमात्र लकड़ी के खंभे पर खड़े इस मंदिर को ‘ये जुकिया’ ने अपनी मां की याद में बनवाया था। सालभर यहां भक्तों और पर्यटकों का जमावड़ा रहता है। ये धार्मिक ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण जगह बन चुका है।


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