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जब हम ‘पद्मावत’ पर बवाल कर रहे थे, तब चीन ने जिन्दा बंदरों के डुप्लीकेट बना डाले

Published on 27 January, 2018 at 10:11 am By

आमतौर पर यह धारणा होती है कि चीन को डुप्लीकेट और जाली सामान बनाने में महारत हासिल है। यह भी कहा जाता है कि चीन में बने सामान के टिकने की कोई गारंटी नहीं होती है। ये बेहद कम दिन चलते हैं। हालांकि, यहां सामान की बात नहीं हो रही है, बल्कि बात हो रही है बंदरों की। जी हां, चीन ने जिन्दा बंदरों के डुप्लीकेट बना डाले हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है, जिनमें दो बंदरों को खेलते हुए दिखाया गया है। कहा जा रहा है कि चीन में इन बंदरों को क्लोनिंग तकनीक के जरिए विकसित किया जा रहा है।

पहले इन बंदरों को देख लीजिए।


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20 साल पहले क्लोनिंग की एक विशेष तकनीक के जरिए डॉली नामक भेड़ का क्लोन तैयार किया गया था। बताया जा रहा है कि चीन ने उसी तकनीक की मदद से दो क्लोन बंदर तैयार किए हैं। चीन की महती सफलता के बाद यह माना जा रहा है कि इस टेक्निकल बैरियर को तोड़ने के बाद अब मनुष्य की क्लोनिंग के लिए दरवाजे खुलने जाएंगे। साथ ही इसके फायदे भी होंगे।

फिलहाल, हम जिन बंदरों की बात कर रहे हैं, उनका जन्म शंघाई स्थित चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज (सीएएस) इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस में हुआ है। इन बंदरों के नाम झोंग-झोंग और हुआ-हुआ हैं। झोंग-झोंग आठ हफ्ते का है तो वहीं हुआ-हुआ का जन्म छह हफ्ते पहले हुआ था। दोनों बन्दर स्वस्थ हैं और उनका विकास भी सामान्य बताया जा रहा है। इन्हें फिलहाल बॉटल से दूध पिलाया जा रहा है।

क्लोनिंग से जुड़े वैज्ञानिक ममिंग फू ने कहा हैः



“इंसानों की क्लोनिंग का कोई इरादा नहीं है, बल्कि यह काम मेडिकल रिसर्च में लाभदायक होगा। इसके माध्यम से बंदरों के द्वारा फैलने वाली बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इन बंदरों का क्लोन गैर भ्रूण कोशिका द्वारा कृत्रिम तरीके से बनाया गया है और पूरे प्रोसेस को एससीएनटी के माध्यम से किया गया।”

साथ ही फू ने ये भी बताया कि मनुष्य और बंदरों का प्राइमेट एक समान माना जाता है। प्राइमेट प्रजातियों की सफल क्लोनिंग से इंसानों की क्लोनिंग में जो तकनीकी बाधा थी, वो हट चुकी है। इससे एनिमल मॉडल तैयार किया जा सकता है, जो मनुष्य के लिए इलाज में भी उपयोगी हो सकता है।

ज्ञात हो कि इस प्रोसेस से दिमाग की बीमारियों जैसे पार्किंसंस, कैंसर, प्रतिरोधी क्षमता और मेटाबॉलिक विकार के इलाज में मदद मिल सकती है।

अब आप इन क्यूट बंदरों के विडियो यहां देख सकते हैं।


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