चीन की अकड़ ढीली हुई, 74 दिनों के बाद डोकलाम में हटा पीछे

Updated on 14 Sep, 2017 at 9:20 pm

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भारत और चीन डोकलाम क्षेत्र से सेना हटाने के लिए तैयार हो गए हैं। यह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है।

पिछले करीब 74 दिनों से भारत और चीन के सेनाएं इस क्षेत्र में डंटी हुई थीं। भारत बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाने की कोशिशों में लगा था, जबकि चीन लगातार युद्ध की धमकी दे रहा था। यही वजह है कि चीन के पीछे हटने से जहां उसकी किरकिरी हुई है, वहीं भारत जीतता प्रतीत हो रहा है।

डोकलाम के मसले पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी की है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत सरकार का विदेश मंत्रालय पिछले कुछ हफ्तों से हो रही बातचीत में भारत अपनी चिंताओं और हितों से चीन को वाफिक कराने में कामयाब रहा है, जिसके बाद दोनों देश डोकलाम से अपनी-अपनी सेनाएं हटाने पर सहमत हुए हैं। डोकलाम में दोनों देश तेजी से सेनाएं पीछे हटा रहे हैं।

हालांकि, चीन सरकार के आधिकारिक मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि सिर्फ भारत की सेना डोकलाम से हटी है

ग्लोबल टाइम्स की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने अपनी सेना 28 अगस्त को हटा ली है।  भारत की तरफ से जहां बयान जारी कर कहा गया है कि डोकलाम से दोनों देश सेनाएं हटाने को तैयार हैं वहीं, चीन ने इस दावे को खारिज कर दिया है। चीन ने कहा है कि सीमा से सिर्फ भारतीय सेना हटी है।



चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनियिंग के हवाले से बताया गया हैः

“28 अगस्त के दोपहर को भारत ने डोकलाम से अपनी सेना हटा ली है और वहां मौजूद चीनी अधिकारियों ने इसी पुष्टि की है। चीन ऐतिहासिक समझौतों व संधियों के आधार पर अपने हितों की रक्षा करता रहेगा।”

गौरतलब है कि भारत ने यहां से सेना हटाने की शर्त यह रखी थी कि चीन की सेना को भी यहां से हटाया जाए, उसके बाद ही इस मसले पर बातचीत हो सकती है। लेकिन चीन इस बात अड़ा हुआ था कि भारत अपनी सेना को हटाए। चीन का कहना था कि यह बातचीत की बुनियादी शर्त है, लेकिन भारत अपने रुख पर कायम रहा। इस बीच चीनी मीडिया और चीनी सेना के अफसरों की ओर से लगातार भारत तो युद्ध की धमकियां दी जाती रहीं।

इन दिनों चीन मीडिया खासकर चीन सरकार के आधिकारिक मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की अाक्रामकता बरकरार रही थी। कई लेखों व संपादकीय के जरिए चीन सरकार भारत को न केवल धमकियां जा रही थी, बल्कि इसके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिशों में लगी थी।


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