चीन ने भारत को धमकाया, कहा- जंग हुई तो ज्‍यादा लाशें हमारी नहीं, भारतीय सैनिकों की ग‍िरेंगी

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Updated on 13 Jul, 2017 at 7:05 pm

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सीमा विवाद के कारण भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति है। सिक्किम सीमा के पास भूटान के डोकलाम क्षेत्र को लेकर भारत-चीन के बीच तनातनी जारी है। ऐसे में भारत-चीन सीमा पर जारी गतिरोध को लेकर चीनी मीडिया भी बेतुकी बयानबाजियां कर रहा है।

चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने एक पुराना संपादकीय दोबारा प्रकाशित किया है। 22 सितंबर, 1962 के इस संपादकीय को दोबारा प्रकाशित कर, अखबार भारत को धमकी दे रहा है।

“इफ दिस कैन बी टॉलरेटेड, व्हॉट कान्ट?” (अगर ये बरदाश्त हो सकता है, तो क्या नहीं हो सकता?), 1962 में इस शीर्षक के साथ छपे लेख में भारतीयों जवानों पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी करने का आरोप लगाय था।

55 साल पहले छपे इस लेख में कहा गया था कि अगर भारत और चीन के बीच गतिरोध बड़ा तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान भारत को ही होगा। भीषण संघर्ष जैसे हालत हुए, तो ज्यादा जाने भारतीय जवानों की ही जाएंगी।

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चीनी भाषा में छपा ‘पीपुल्स डेली’ का ये लेख 22 सितंबर, 1962 का है intoday


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अब इस लेख को दोबारा प्रकाशित कर अखबार ने लिखा है कि भारतीय सेना के उकसावे को चीनी लोग हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि चीनी सैनिक सिक्किम सीमा के पास भूटान के डोकलाम क्षेत्र में सड़क निर्माण करना चाहते है। यह भूटान का इलाका है। वहीं, चीन इस इलाके को अपना बताता रहा है। भारतीय जवानों ने भूटान के मदद मांगने के बाद चीनी सैनिकों को वहां काम करने से रोक दिया है।

चीन ने भारत से कहा है कि वह अपने सैनिक वापस बुलाए। हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। सिक्किम सेक्टर में करीब 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में दोनों सेनाओं के बीच तनातनी जारी है।

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